अंबिकापुर निवासी ममोल कोटेचा ने ऑस्ट्रेलिया में रहकर देशवासियों के लिए जताई अपनी पीड़ा उन्होंने क्या कहा, आइए जाने…

भारत सम्मान, अम्बिकापुर सरगुजा से अपनी बेटी-दामाद से मिलने मेलबर्न (आस्ट्रेलिया) पहुंची ममोल कोटेचा क्या मालूम था कि अपने बेटी दामाद के घर इतना लम्बा वक्त गुजारना पड़ सकता है। श्रीमती कोटेचा 7 जनवरी को आस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित अपनी बेटी दामाद के घर के पहुंची थी कि पूरी दुनिया में चीन के वुहान शहर से निकला एक अदृश्य अघोषित शत्रु कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले लिया। इससे आस्ट्रेलिया भी अछूता नहीं रहा वहां की सरकार ने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ने व बचने हेतु एहतियातन आस्ट्रेलिया में लॉक डाउन घोषित कर दिया। जिससे श्रीमती कोटेचा को अपनी तय यात्रा में बदलाव करना पड़ा।
उन्होंने ने इस दरमियान आस्ट्रेलिया से कोरोना महामारी से लड़ने और वहां के व्यस्था के बारे में अपने जो अनुभव शेयर किए वह काफी दिलचस्प है। श्रीमती ममोल कोचेटा ने यह जानकारी दी है कि वे अपनी बेटी व दामाद के पास ऑस्ट्रेलिया 7 जनवरी को पहुंची। उनकी वापसी 13 मार्च को बेटी के साथ थी परंतु फ्लाइट चाइना से थी जो केंसिल हो गई उसके बाद श्रीलंका मुंबई से 20 मार्च को थी वह भी केंसिल हुई और उन्हें वहीं रूकना पड़ा। इस बीच कोरोना जैसी भंयकर महामारी का अनुभव साझा करती हुई बताई कि उन्होंने वहां 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान चाहे ताली थाली घंटी बजाकर अपने कोरोना फाइटर्स के प्रति आभार व्यक्त करना हो या उनके आत्मविश्वास बढ़ाना हो अथवा 5 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदीजी के निर्देश का पालन करते हुए अपने घर के बाल्कनी, आंगन या द्वार पर 9 मिनट के लिए अपने घर के बिजली बन्द करके 9 दिए जलाने की बात हो पूरे आस्ट्रेलिया में काफी चर्चा का विषय रहा था।
ऑस्ट्रेलिया की सरकार कोरोना महामारी से लड़ने एवं बचने के उपायों के बारे में बताई कि वहाँ के नागरिक को भारतीय मुद्रा के मुताबिक हर 15वें दिन में एक निश्चित आर्थिक मदद की जायेगी। साथ ही साथ व्यापारी वर्ग को भी यथोचित आर्थिक सहयोग प्रदान की जायेगी। यह मदद राशि उनके खाते में भेजी जा रही है, जैसे अपने देश में मोदी जी समस्त जरुरतमंदों के जनधन खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं। उन्होने बताया कि वहां के नागरिक अपने सरकार के आदेशों का अक्षरशः पालन करते हैं, फ़िलहाल सरकार का नियम है बाइक में सिंगल व्यक्ति और कार में दो व्यक्ति सफर कर सकते है। जनता सतर्क है और स्वयं ही लॉक डाउन है। यदि कोई भी नागरिक नियम तोड़ती है तो पेनल्टी भरना आवश्यक है। आस्ट्रेलिया मैं लॉक डाउन 11 मई तक लागू रहेगी। इसी दौरान सभी पार्क बीच बन्द रहेंगे।
साथ ही उन्होंने बताया की आस्ट्रेलिया भारत की अपेक्षा भौगोलिक दृष्टि और जनसंख्या में इतना वृहद नही है फिर भी जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने सवा करोड़ भारतीयों को एकसुत्र में पिरोया आस्ट्रेलिया के राजनैतिक गलियारों के साथ साथ वहां के नागरिक में भी सुर्खियां बटोरी कि मोदी जी के सिर्फ एक आवाज में सम्पूर्ण भारत कुछ अपवाद को छोड़कर कैसे स्वप्रेरित होकर लॉक डाउन हो गई। कोरोनाकाल में आस्ट्रेलिया में मोदी जी के मैजिक के चर्चें आम हो गए चाहे वो 22 मार्च को जनता कर्फ्यू हो या 25 तारीख से लॉक डाउन का आह्वन या 5 अप्रैल को 9 मिनट तक बिजली बन्द कर जिस तरह से भारतीयों ने इस वैश्विक महामारी से लड़ने की इच्छाशक्ति दिखाई वह विश्व कई विकसित देश नहीं कर पाए। कुछ अपवाद दुनिया के हर कोने में पाए जाते हैं, इससे हमारा भारत भी अधूरा नहीं रहा।
श्रीमती कोचेटा ने दुख भी जताया कि इस वैश्विक आपदा के समय वे अपने देश के जरुरतमंद लोगों के सेवा करने के लिए उपलब्ध नहीं रह पाई, जिसका पीड़ा उन्हें हमेशा रहेगा। आगे उन्होंने बताया कि आस्ट्रेलिया में रहते पीएम केयर फंड में यथाशक्ति सहयोग कर इस महामारी से लड़ने में अपनी छोटी सी भूमिका निभाने की कोशिश की।

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