अलबेला बिजुरी – आपने तो कहा था कि पैसे देने के बाद काम हो जाएगा साहब.?

पहले रिश्वत में नज़राना, शुकराना व हक़राना चलता था, पर अब तो जबराना चलने लगा है।

बिजुरी में अवैध कार्य चरम पर, पुलिस की खुली छूट। पुलिस अपना हिस्सा लेने के बाद साध लेती है मौन। इसी कड़ी में एक बार फिर बहुचर्चित बिजुरी थाना, जहां भ्रस्टाचार अपने चरम पर है।

बिजुरी थाने में पदस्थ थाना प्रभारी सोनी साहब कर रहे हैं परेशान। और उनकी व्यवस्था में लगे हैं राजेन्द्र द्विवेदी मुन्शी जी।
सुनिए……खुले आम माँग रहे रिश्वत….

सुनें आप भी…..

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