डकैती डालने पहुंचे थे बदमाश, फायरिंग की आवाज सुन हुए फरार।

दातागंज।प्रेमचंद:-आपको बता दे की बदमाश डकैती के इरादे से घर में प्रवेश किए थे।लेकिन घर वाले अचानक जग गए और उन्होंने फायरिंग कर दी. गोली चलने की आवाज सुनकर बदमाश फरार हो गए. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है।

बदायूं: जिले के बिल्सी कस्बे में सर्राफा व्यवसायियों पर डकैतों की बुरी नजर है. डेढ़ साल पहले सर्राफा कारोबारी के घर पर पड़ी डकैती की तर्ज पर बदमाशों ने दूसरे सर्राफ के घर में डकैती डालने का प्रयास किया, लेकिन सर्राफा कारोबारी के परिजन अचानक जाग गए और उन्होंने बदमाशों को खदेड़ दिया. इसके बाद बदमाश अपना गैस कटर, रस्सी और सामान छोड़कर भाग निकले. वहीं मामला सामने आने के बाद कार्रवाई के नाम पर पुलिस महज सिर्फ लकीर पीटती हुई नजर आ रही है.बदायूं: जिले के बिल्सी कस्बे में सर्राफा व्यवसायियों पर डकैतों की बुरी नजर है. डेढ़ साल पहले सर्राफा कारोबारी के घर पर पड़ी डकैती की तर्ज पर बदमाशों ने दूसरे सर्राफ के घर में डकैती डालने का प्रयास किया, लेकिन सर्राफा कारोबारी के परिजन अचानक जाग गए और उन्होंने बदमाशों को खदेड़ दिया. इसके बाद बदमाश अपना गैस कटर, रस्सी और सामान छोड़कर भाग निकले. वहीं मामला सामने आने के बाद कार्रवाई के नाम पर पुलिस महज सिर्फ लकीर पीटती हुई नजर आ रही है.

जानें पूरा मामला


बदायूं जिले के बिल्सी कस्बे में रात 2 बजे करीब कुछ अज्ञात बदमाशों ने सच्चिदानंद सर्राफ के यहां डकैती का प्रयास किया. नगर निवासी नित्यानंद माहेश्वरी लोहिया की दुकान के ताले तोड़कर बदमाश छत पर चढ़ गए, जिसके बाद उन्होंने गैस कटर से छत के लोहे के गेट को काटना शुरू कर दिया. गैस कटर की लाइट से घर वाले जाग गए और उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक से 4-5 फायर कर दिए. फायरिंग की आवाज सुनते ही बदमाश रस्सी, 2 जोड़ी चप्पल, छतरी, दस्ताने, गैस सिलेंडर छोड़कर भाग गए. पुलिस को सूचना मिलते ही कोतवाल धर्मेंद्र कुमार, एसएसआई जितेंद्र कुमार सहित फोर्स के साथ पहुंच गए और विवेक क्लॉथ हाउस के यहां लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला.बता दें कि 18-19 फरवरी को मुख्य बाजार में करीब डेढ़ साल पहले इसी तरह की डकैती पड़ी थी, जिसकी तर्ज पर बदमाश डकैती को अंजाम देना चाह रहे थे. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुटी है. यह कहना गलत नहीं होगा कि लाइसेंसी बंदूक की फायरिंग की वजह से डकैती की घटना होने से बच गई, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही लोहा लेते रहेंगे और पुलिस का डर बदमाशों में कब कायम होगा।

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