ऑनलाइन जनशिकायत निवारण में 2016 से अब तक पंचायत विभाग 49 शिकायत पेंडिंग क्यों कार्यवाही आखिर कब?

बलोदा बाजार।भूषण मनहर:-ऑनलाइन जनशिकायत निवारण विभाग मे लगभग 2016 से अब तक के 49 शिकायत जो की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित है जिसे संचालक/विभागीय अधिकारी द्वारा, अब तक जनसाधारण के शिकायत को लंबित रखा गया आखिर ऐसा क्यों? लोगो के शिकायत को लेकर सम्बंधित अधिकारी जाँच क्यों नहीं कर रहे? क्या है इसके पीछे कारण? आखिर जवाबदारी किसकी?

छत्तीसगढ़ में मुख्यतः जन शिकायत निवारण विभाग कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री समक्ष शिकायतों के लिए online.nic द्वारा पोर्टल जारी किया गया है जो वर्ष 2012 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा जनदर्शन एवं जन शिकायत निवारण विभाग सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित कार्यवाही के लिए निर्देश दिए गए थे जिसके पश्चात जन शिकायत निवारण विभाग का एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सहयोग से पूर्ण रूप से संचालित की जा रही है जिसकी मुख्यतः मुख्य अधिकारी सचिव जन शिकायत निवारण विभाग की सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव के अधीन है एवं प्रत्येक माह में एक बार मुख्यमंत्री समक्ष समस्त आवेदन की समीक्षा की जाती है जिसमें वर्तमान में अब तक 11538 शिकायतें दर्ज की गई है ऑनलाइन जिसमें कुल निराकृत शिकायतों की संख्या 7874 है एवं लंबित आवेदनों की संख्या 3664 है वेब द्वारा प्राप्त आवेदन है एवं पोस्ट एवं मेल द्वारा कलेक्टर समक्ष आवेदन एवं ज्ञापन प्रस्तुत किए जाने की संख्या 83628 है जिसमें अभी तक जनसाधारण एवं जनता की बहुत सी समस्याओं एवं शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है मुख्यतः है मंत्रालय स्तर एवं विभागाध्यक्ष स्तर संचालक मंडल द्वारा काफी आवेदनों का निराकरण बहुत अधिक समय से लंबित जिसमे मुख्य रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का शिकायत है जो 2016 से अभी बहुत सारे शिकायत लंबित है जिसके कारण जनसाधारण द्वारा किए गए आवेदनों का निराकरण नहीं हो रहा है एवं उनकी समस्याओं के समाधान नहीं किया जा रहा है जिस समय आवश्यक ध्यान देना चाहिए लोगो की नजरें बहुत ही उम्मीद से सरकार और अधिकारियो पर टिकी है की कब उनकी शिकायतो की जाँच हो और कब उचित कार्यवाही हो।

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