प्लास्टिक और गंदे कचरे से हो रहा उदयपुर डूमरडीह जंगल को नुकसान।

सलका।अरुण राजवाड़े:-जनपद पंचायत उदयपुर तहसील के सामने ही डूमरडीह जंगल पड़ता है। जहां काफी दिनों से भारी मात्रा में जंगल मे गंदगी और प्लास्टिक इधर-उधर दिखाई देते हैं। प्लास्टिक और गंदगी के कारण जंगल को काफी नुकसान हो रहा है. जंगल से उदयपुर बस स्टैंड हजार 300/- मीटर की दूरी पर स्थित है जहां बाजार से कूड़ा करकट एवं गंदे प्लास्टिक एवं कांच की टूटी फूटी वस्तुएं ले जाकर जंगल में फेंक दिया जाता है। जिसे जंगल को काफी नुकसान हो रहा है प्लास्टिक सूख जाने के बाद प्लास्टिक को आग लगा दिया जाता है।जिसे छोटे-छोटे पौधे और विकसित हो रहे पेड़ जलकर नष्ट हो जाते हैं। उसी मार्ग पर उदयपुर से सलका/ खमरिया/ सूरजपुर जाने के लिए मार्ग पड़ता है । यहाँ लोगों को भी गंदगी का सामना करना पड़ता है। और जंगल में पशु मवेशी वहां की गंदगी एवं प्लास्टिक को खाकर बीमार होते हैं और यही प्लास्टिक आगे जाकर पशु पक्षियों का मृत्यु का कारण बनते हैं।
जैसा की तस्वीर में देखा जा सकता है (पहली ) फोटो में एक गाय प्लास्टिक को खाते हुए नजर आ रहा है।
(दूसरी) दूसरी फोटो में फेंके हुए कचरी पर आग लगा दिया गया है। यह ताजा तस्वीर दिनांक – 21/11/2020 का है। और इसी रास्ते पर सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए अधिक संख्या में लोग इधर आते हैं। कुछ सालों पहले उदयपुर डूमरडीह जंगल में ऐसी स्थिति नहीं थी । हर साल हमारा पर्यावरण प्रदूषित होते जा रहा है और धीरे-धीरे 1 कट्ठे जा रहे हैं ऐसी स्थिति में इस खबर को देखने के बाद कुछ अच्छी पहल की आशा है। ताकि हमारा पर्यावरण भी हरा भरा रहे और पशु पक्षियों को भी कोई नुकसान ना हो और साफ-सफाई भी बनी रहे। बेशक यह खबर छोटी लगेगी लेकिन आने वाले समय में अगर इसको ना रोका गया हो सकता है वहां कचरा का ढेर बना दिया जाएगा। जो आसपास अपना घर बनाकर रह रहे हैं उनका रहना भी मुश्किल हो जाएगा।

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