खोंगसरा हल्ला बोल चक्का जाम का असर,मुरुम डालना प्रारंभ।

बेलगहना।मनहरण कश्यप:-कोटा विकासखंड के बेलगहना खोंगसरा मुख्य मार्ग की जर्जर सड़क को 15 वर्षों से संबंधित अधिकारियों जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की आम नागरिकों द्वारा अनेकों बार अवगत कराया गया।
परंतु किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिए जबकि सड़क की ऐसी स्थिति है कि हर कदम पर आह निकलती है ,वाहन पर बैठे यात्री आह -ऊह करते अपने गंतव्य तक पहुंच पाते हैं ।बेलगहना- खोंगसरा रोड एक ऐसा मार्ग है जो कि केंवची ,अमरकंटक पेंड्रा रोड को जोड़ती है ।जहां क्षेत्र के साथ-साथ पर्यटन व धार्मिक स्थल होने के कारण बाहर से भी रोज सैकड़ों की तादात में वाहन आते जाते हैं ।ताज्जुब की बात तो यह है कि इस उबड़ – खाबड़ रास्ते से जनप्रतिनिधि भी गुजरते हैं ,उन्हें इस मार्ग की दुर्दशा पर कोई तरस नहीं आती ,इस ओर कोई ध्यान नहीं देते आखिरकार थक हार कर क्षेत्र की सर्वदलीय ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर 13 फरवरी बुधवार को सुबह से ही जर्जर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम करने को मजबूर हुए । चक्का जाम के दौरान देखते ही देखते कुछ पल में रोड के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना भी पड़ा ,जिसके लिए क्षेत्रीय ग्रामीण जन खेद व्यक्त किए हैं । सर्वदलीय चक्का जाम की सूचना पर मौके में बेलगहना तहसीलदार , बेलगहना चौकी प्रभारी, पीडब्ल्यूडी विभाग की एसडीओ उपस्थित होकर आक्रोशित सर्वदलीय ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए 3 दिवस के अंदर कार्य प्रारंभ करने की बात कहते हुए शांत कराया। जिसका नतीजा तत्काल देखने को मिल रहा है जर्जर सड़क पर मुरूम डालना प्रारंभ कर दिया गया है। लगता है कि जल्द से जल्द जर्जर सड़क एक नया सड़क में परिवर्तन होकर क्षेत्रवासियों को सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा।

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