कहीं अवैध शराब तस्करी करने वाले आकाओं से पुलिस अधीक्षक के सीधे संबंध तो नहीं?

आबकारी एक्ट के तहत छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी कार्यवाही, पर तुच्छ मानसिकता वाले पुलिस अधीक्षक खुश नहीं…

अंबिकापुर, कुमार जितेंद्र – भारत सम्मान पुलिस विभाग में व्याप्त अनियमितताओं पर लगातार खबरें प्रकाशित करता आ रहा है, इसी तारम्य में सरगुजा संभाग में पुलिस जिला बलरामपुर आता है, जिसके अंतर्गत झारखंड की सीमा से लगे थाना रामानुजगंज की पुलिस नेे दिनांक 18/01/2021 की रात्रि को एक वाहन क्रमांक सीजी 04 JA 8806 को पकड़ मीडिया के दबाव में आबकारी एक्ट 34 (2) के तहत कार्यवाही कर दी। जिसमें मध्यप्रदेश की अवैध शराब 691 पेटी × 48 = 33168 पाव × 40 रुपए प्रति पाव के हिसाब से कुल 13,26,720 रुपए कीमत आंकी गई, साथ ही उक्त अवैध शराब को जिस वाहन से परिवहन किया जा रहा था, उसकी कीमत लगभग 15 लाख आंकी गई मतलब कुल मिलाकर लगभग 28 लाख रुपए की संपत्ति पर सफल कार्यवाही की गई।

आबकारी एक्ट के तहत छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी कार्यवाही, पर कप्तान खुश नहीं…

जानकारी के अभाव में कई न्यूज़ संस्थानों ने इतने बड़े कार्यवाही की खबर छोटे से कालम में छाप दी, कई ने लिखा पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के द्वारा कार्यवाही में शामिल थाना प्रभारी समेत टीम को 5000 के इनाम की घोषणा की गई। जबकि भारत सम्मान की जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने नहीं बल्कि सरगुजा के पुलिस महानिरीक्षक राम प्रसाद साय के द्वारा इनाम की घोषणा की गई थी, यह वाक्य इसलिए बताना जरूरी हो गया क्योंकि छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी कार्यवाही का प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन स्थानीय थाना रामानुजगंज में रखा गया पर किसी कारण से हुआ नहीं, और ना ही प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसलिए जिस प्रेस वाले को जहां से जैसी अप्रयाप्त जानकारी मिली उन्होंने छाप दिया गया।

छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी कार्यवाही, पर भय में जी रहे कार्यवाही में शामिल पुलिस…

सूत्रों की जानकारी के अनुसार अन्य जिले के पुलिस अधिकारी जो पूर्व में जिला बलरामपुर में सेवा दे चुके हैं वह फोन कर कार्यवाही में शामिल पुलिसकर्मियों को धमका रहे हैं, इससे साफ-साफ प्रतीत होता है कि पुलिस अधिकारियों की मिली भगत व जानकारी में मध्य प्रदेश अवैध शराब की बड़ी खेप छत्तीसगढ़ से होते हुए झारखंड की सीमा तक पहुंच गया और छत्तीसगढ़ प्रदेश के पुलिस मुखिया डी०एम० अवस्थी तक इस कार्यवाही की भनक ना हो पूरा प्रयास किया गया, पर भारत समान प्रतिबद्ध है ऐसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल पुलिस अधिकारियों का असली चेहरा सामने लाने के लिए। इस मामले में प्रदेश के पुलिस मुखिया के द्वारा यदि स्वयं के निगरानी में जांच कराई जाए तो कई पुलिस अधिकारियों का चेहरा सामने आने की पूर्ण संभावना है।

भारत सम्मान की प्रदेश के पुलिस मुखिया से अपील, इतनी बड़ी कार्यवाही में शामिल पुलिसकर्मियों का पीठ थपथपा कर स्वागत किया जाए, ताकि समूचे प्रदेश में पुलिस कर्मियों का मनोबल सामान्य स्थिति में बना रहे।

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