वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश 24 को गए थे जेल, अब पूर्व मुख्यमंत्री रमन 24 को जाएंगे जेल?

रायपुर, भारत सम्मान – समूचे छत्तीसगढ़ में बीना चुनाव के सियासी दंगल तेेेेज हो चली, लोगों की कयास सिर्फ और सिर्फ 24 तारीख पर टिकी हुई है, आइए जानते हैं कि इस तारीख में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को नोटिस क्यों भेजा गया? और इसी तारीख मतलब 24 सितंबर 2018 में क्या हुआ था? क्या जानबूझकर 24 तारीख याद दिलाने के लिए रमन सिंह को दी गई है नोटिस?

दरअसल बहुचर्चित सेक्स सीडी मामले में 24 सितंबर 2018 को सीबीआई ने कोर्ट में 3000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, इस पर कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विनोद वर्मा और विजय भाटिया को भी तलब किया था, कोर्ट ने विनोद वर्मा और विजय भाटिया को जमानत दे दी, लेकिन भूपेश ने जमानत लेने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने उन्हें सरकारी वकील मुहैया करवाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कहा कि जब अपराध नहीं किया है, तो वो जमानत भी नहीं लेंगे। लेकिन ठीक तीन दिन बाद हाईकमान के आदेशानुसार 27 सितंबर 2018 की शाम 6:45 को जमानत पश्चात भूपेश जेल से रिहा हो गए।

ठीक वही तारीख रमन सिंह को 24 मई घर पर ही रहने दी गई हिदायत
रायपुर की सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को टूलकिट मामले में नोटिस भेजा है। ये नोटिस एक तरह से पुलिस के सवाल-जवाब की प्रक्रिया की पूर्व सूचना है। इस नोटिस में डॉ रमन सिंह से 24 मई की दोपहर साढ़े 12 बजे घर पर ही रहने को कहा गया है। इस वक्त थाने की टीम उनसे पूछताछ करने उनके घर जाएगी। पुलिस ने सवाल भी पहले से लिखकर डॉ रमन को भेजे हैं। 9 तरह के निर्देश भी जारी किए गए हैं, पुलिस की तरफ से ये भी लिखा गया है कि इन बातों को नहीं माना तो गिरफ्तारी भी हो सकती है।

15 सालों से रमन के इशारे पर चलने वाली पुलिस अब ये पूछेगी…
० जिस अकाउंट की शिकायत मिली है क्या वो ट्विटर अकाउंट आपका है?
० आपके टि्वटर अकाउंट का एक्सेस बताएं?
० आप को एआईसीसी रिसर्च प्रोजेक्ट व कांग्रेस का दस्तावेज कहां से मिला?
० कांग्रेस टूलकिट एक्सपोज्ड हेशटैग का प्रयोग करते हुए आपके द्वारा अन्य आरोपियों (संबित पात्रा) से किए गए संचार-संवाद के संबंध में जानकारी?

ये बातें नहीं मानीं तो हो जाएंगे गिरफ्तार…
० आप भविष्य में कोई अपराध नहीं करेंगे।
० आप सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
० आप मामले के तथ्य से परिचित किसी भी व्यक्ति को या पुलिस अधिकारी को ऐसे तथ्य का खुलासा करने से रोकने के लिए कोई धमकी प्रलोभन या वादा नहीं करेंगे।
० जब आवश्यक निर्देशित हो आप कोर्ट में पेश होंगे।
० आप आवश्यकता पड़ने पर मामले की जांच में शामिल होने और जांच में सहयोग करेंगे।
० आप प्रकरण के सही निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए जांच में किसी भी हिस्से को छुपाए बिना सभी तथ्यों की सच्चाई से खुलासा करेंगे।
० आप जांच के प्रयोजन के लिए आवश्यक सभी प्रासंगिक दस्तावेज पेश करेंगे।
० अन्य आरोपीयों को पकड़ने में आप अपना संपूर्ण सहयोग देंगे।
० आप किसी भी तरह से मामले की जांच परीक्षण के उद्देश्य से प्रासंगिक किसी भी सबूत को नष्ट करने की अनुमति नहीं देंगे।
० इन बातों का पालन न करने पर आप को गिरफ्तार किया जा सकता है।

क्या है टूलकिट विवाद…
टूलकिट एक तरह की प्लानिंग की जानकारी होती है जिसमें किसी मुद्दे के प्रचार का जिक्र होता है। ये आमतौर पर डिजिटल प्लानिंग की तरह होता है कि जैसे किसी मुद्दे पर किस तरह के बयान देने हैं, कैसे प्रोपेगैंडा करना है। डॉक्टर रमन सिंह ने 18 मई को अपने ट्वीटर अकाउंट से कांग्रेस का कथित लैटर पोस्ट करते हुए दावा किया कि इसमें देश का माहौल खराब करने की तैयारी की प्लानिंग लिखी है। डॉक्टर रमन की तरफ से सोशल मीडिया पर लिखा गया कि कांग्रेस विदेशी मीडिया में देश को बदनाम करने कांग्रेस कुंभ का दुष्प्रचार व जलती लाशों की फोटो दिखाने का षड्यंत्र कर रही है।

इसके बाद युवा कांग्रेस के नेता इस मामले की शिकायत लेकर पुलिस के पास गए और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ FIR दर्ज हो गई। पुलिस ने यह केस NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ख्याति को नुकसान पहुंचाने के लिए डॉक्टर रमन सिंह, संबित पात्रा और दूसरे भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसंधान विभाग के जाली लेटर हेड पर एक मनगढ़न्त फेक न्यूज साझा कर देश मे सम्प्रदायिकता और हिंसा फैलाने का प्रयास किया है।

#Jashpur

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