आत्मानंद स्कूल के नाम पर 1.32 करोड़ का DMF घोटाला: तत्कालीन जनपद CEO समेत 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

अम्बिकापुर । कुमार जितेन्द्र । विशेष रिपोर्ट :-
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अम्बिकापुर स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय, केशवपुर में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस बहुचर्चित मामले में न्यायालय के आदेश पर मणिपुर थाने में तत्कालीन जनपद पंचायत अम्बिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई…
यह पूरा मामला अम्बिकापुर निवासी अभय नारायण पाण्डेय (निवासी – वार्ड 21, संजय पार्क, अम्बिकापुर) द्वारा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद के आधार पर सामने आया है।
मामला की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश गुलापन राम यादव ने 8 अक्टूबर 2026 को थाना प्रभारी मणिपुर को त्वरित मामला दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने का स्पष्ट आदेश दिया था। न्यायालय के इस निर्देश के अनुपालन में मणिपुर पुलिस ने 24 अक्टूबर 2026 को भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 180/2026 दर्ज कर लिया है।
दर्ज की गई धाराएं…
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया है:
धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात)
धारा 420 (धोखाधड़ी)
धारा 467, 468, 471 (दस्तावेजों की कूटसाचना/फर्जीवाड़ा)
धारा 201 (साक्ष्य छिपाना)
धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र)
धारा 34 (समान आशय)
क्या है पूरा मामला और वित्तीय अनियमितता?
प्राप्त विवरण के अनुसार, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से केशवपुर स्थित आत्मानंद विद्यालय परिसर में कुल तीन विभिन्न विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी।
स्वीकृत कार्यों का विवरण इस प्रकार है…
1. गार्डन का सौंदर्यीकरण एवं सीसी रोड निर्माण: 33 लाख 24 हजार रुपये
2. प्रधान पाठक कक्ष प्रसाधन एवं आहाता (बाउंड्रीवॉल) निर्माण: 49 लाख 57 हजार रुपये
3. प्रवेश द्वार (गेट) एवं पार्किंग शेड निर्माण: 49 लाख 52 हजार रुपये
फर्जी बिल और बिना कार्य भुगतान…
आरोप है कि इस प्रक्रिया में जेम (GeM) पोर्टल पर फर्जी आईडी तैयार की गई। बिना किसी प्रशासकीय स्वीकृति और बिना नियमानुसार टेंडर या कार्य प्रक्रिया का पालन किए फर्जी बिल-वाउचर और कूटनीतिक मूल्यांकन प्रतिवेदन (Valuation Report) बनाए गए।
इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 1 अगस्त 2023 को मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन के पक्ष में 48 लाख 36 हजार 544 रुपये की भारी-भरकम राशि का भुगतान आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से कर दिया गया।
कलेक्टर की जांच में हुआ बड़ा खुलासा…
घोटाले की भनक लगने पर जिला प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर द्वारा गठित एक विशेष जांच दल ने 7 अक्टूबर 2024 को मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन (स्थल निरीक्षण) किया। जांच के दौरान मौके पर स्वीकृत निर्माण कार्य का नामोनिदशोन या कोई भी कार्य धरातल पर नहीं पाया गया। जांच रिपोर्ट में इस पूरे प्रकरण को पूरी तरह से सुनियोजित फर्जीवाड़ा करार दिया गया।
इन 9 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR…
पुलिस ने इस मामले में लोक सेवकों और निजी ठेकेदारों की मिलीभगत मानते हुए कुल 9 आरोपियों को नामजद किया है:
1. सुरेश्वर नाथ तिवारी (तत्कालीन जनपद पंचायत अम्बिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी – CEO)
2. विवेक प्रताप सिंह राठौर
3. उपेन्द्र सिंह सेंगर
4. शैलेन्द्र मिश्रा
5. राम प्रकाश यादव
6. इम्तियाज सिंह
7. सुयश अग्रवाल
8. अरविंद कुमार अग्रवाल
9. मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रेक्टर एंड सप्लायर्स (फर्म)
पुलिस की आगे की कार्रवाई…
प्रारंभिक अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि सभी आरोपियों ने आपसी सांठ-गांठ और आपराधिक षड्यंत्र के तहत शासकीय राशि का आहरण कर उसका निजी स्वार्थ के लिए बंदरबांट किया, जिससे शासन को भारी वित्तीय क्षति पहुंचाई गई है। मणिपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है, और इस घोटाले से जुड़े अन्य दस्तावेजों व संलिप्त लोगों की सुराग कशी की जा रही है। अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।



