जानलेवा हमला: दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा, 5-5 हजार का जुर्माना

अनूपपुर । मदन मोहन मिश्रा की रिपोर्ट
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक स्थान पर बैठे ग्रामीणों पर जानलेवा हमला करने के मामले में माननीय न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000-5,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र पटेल की अदालत द्वारा सुनाया गया।

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि यह घटना 1 जुलाई 2022 की रात्रि लगभग 9 बजे की है। थाना कोतवाली अनूपपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोन मौहरी, फाटक हाई स्कूल के पास कुछ ग्रामीण वोटों की गिनती का परिणाम सुनने के लिए सार्वजनिक स्थान पर बैठे थे। इसी दौरान आरोपी शंकर चौधरी (उम्र 20 वर्ष) एवं संतोष कुमार चौधरी (उम्र 23 वर्ष), दोनों पिता स्वर्गीय बालकरण चौधरी, निवासी सोन मौहरी, मौके पर पहुंचे।
अश्लील गाली-गलौज के बाद लाठी-डंडा व टांगी से हमला
आरोप है कि दोनों आरोपियों ने फरियादी कदमिया बाई एवं अन्य उपस्थित ग्रामीणों राधेश्याम चौधरी, कपसू चौधरी और सोना चौधरी के साथ मां-बहन की अश्लील गालियां दीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश और भय का माहौल बन गया। इसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडा एवं टांगी (कुल्हाड़ी) से हमला कर गंभीर और प्राणघातक चोटें पहुंचाईं। अभियोजन के अनुसार, चोटें इतनी गंभीर थीं कि पीड़ितों की जान जा सकती थी और मृत्यु की स्थिति में यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला बनता।
थाना कोतवाली अनूपपुर में दर्ज हुआ अपराध
घटना के बाद फरियादी ने थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर अपराध क्रमांक 370/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 323, 506, 34 एवं 307 में मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया, आहतों एवं प्रत्यक्षदर्शी साक्षियों के बयान दर्ज किए तथा घटना से संबंधित सामग्री जब्त कर एफएसएल सागर जांच हेतु भेजी।
14 गवाह, 23 दस्तावेज—अभियोजन की मजबूत पैरवी
पुलिस द्वारा संपूर्ण विवेचना पूर्ण कर माननीय न्यायालय में अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक श्री पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने 14 साक्षियों के बयान कराए एवं 23 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से 4 दस्तावेज पेश किए गए।
न्यायालय का सख्त संदेश
सभी साक्ष्यों, तर्कों और मामले की गंभीरता पर विचार करने के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 294, 323, 506, 34 एवं 307 भादंवि के अंतर्गत दोषी ठहराया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थान पर बैठे नागरिकों पर इस प्रकार का हिंसक हमला समाज में कानून व्यवस्था को चुनौती देने के समान है।
फैसला सुनते ही भेजे गए जेल
निर्णय सुनाए जाने के पश्चात दोनों दोषसिद्ध आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल अनूपपुर भेज दिया गया।



