डॉ. आशुतोष गुप्ता ने प्रथम प्रयास में एफएमजीई पास कर बढ़ाया जिले का मान

अंबिकापुर/सूरजपुर।
सूरजपुर जिले के भटगांव कॉलरी निवासी डॉ. आशुतोष गुप्ता (किट्टू) ने अपने पहले ही प्रयास में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्ज़ामिनेशन (FMGE) पास कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। देश की सबसे कठिन मेडिकल परीक्षाओं में गिनी जाने वाली एफएमजीई में पहली बार में सफलता हासिल करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
डॉ. आशुतोष, एसईसीएल कर्मी नागेन्द्र गुप्ता एवं गृहणी ममता गुप्ता के सुपुत्र हैं। उन्होंने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई रूस के कबारडिनो-बालकेरियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से उत्कृष्ट अंकों के साथ पूरी की। विदेश से मेडिकल डिग्री प्राप्त करने के बाद भारत में चिकित्सा अभ्यास के लिए एफएमजीई पास करना अनिवार्य होता है, जिसे देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में शामिल किया जाता है।

एफएमजीई 2026 में पूरे भारत से 43,933 छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से मात्र 10,264 छात्र ही सफल हो सके। यानी सफलता दर करीब 23 प्रतिशत रही। ऐसे कठिन प्रतिस्पर्धी माहौल में प्रथम प्रयास में परीक्षा पास करना डॉ. आशुतोष की मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
डॉ. आशुतोष ने बताया कि उन्होंने हैदराबाद में रहकर परीक्षा की तैयारी की। स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा को पार किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग और आशीर्वाद के साथ-साथ मामा पंकज गुप्ता, गुरुजनों और परिवार के मार्गदर्शन को दिया।
उनकी इस उपलब्धि से भटगांव कॉलरी सहित पूरे सूरजपुर जिले में हर्ष का माहौल है। स्थानीय नागरिकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयाँ देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
डॉ. आशुतोष गुप्ता की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं मानते।




