रिटायर्ड कॉलरीकर्मी की दूसरी पत्नी का फर्जीवाड़ा उजागर, पहली पत्नी की शिकायत पर पति और मुंहबोली पत्नी जेल भेजे गए

बैकुंठपुर | कोरिया | सब्बीर मोमिन
एसईसीएल से सेवानिवृत्त एक कॉलरीकर्मी द्वारा अपनी वैध पत्नी को धोखा देकर दूसरी महिला के साथ मिलकर किए गए अजब-गजब फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पहली पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद आरोपी पति और उसकी मुंहबोली पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मामला कोरिया जिले के चरचा थाना क्षेत्र अंतर्गत पंडोपारा कॉलोनी का है। यहां रहने वाली नसीमा बेगम (52 वर्ष) ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पति कलामुद्दीन, जो एसईसीएल चरचा आरओ कॉलरी से सेवानिवृत्त हो चुका है, ने उसे छोड़कर कांति नामक महिला को अपनी पत्नी की तरह रख लिया और दोनों ने मिलकर उसके अधिकारों पर डाका डाला।
पहली पत्नी का परित्याग, दूसरी महिला के साथ रहने लगा आरोपी
पीड़िता नसीमा बेगम के अनुसार, कलामुद्दीन ने उसका परित्याग कर दिया था और कांति नामक महिला के साथ रहने लगा। इस पर पीड़िता ने कुटुंब न्यायालय बैकुंठपुर में भरण-पोषण के लिए वाद दायर किया। न्यायालय ने आदेश पीड़िता के पक्ष में पारित करते हुए भरण-पोषण राशि निर्धारित की, लेकिन आरोपी पति ने न तो राशि अदा की और न ही न्यायालय के आदेश का पालन किया।
एसईसीएल रिकॉर्ड में पहली पत्नी की जगह दूसरी महिला का फोटो
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी पति ने भरण-पोषण से बचने और सेवानिवृत्ति लाभ हड़पने की नीयत से एसईसीएल कार्यालय में गंभीर फर्जीवाड़ा किया। उसने अपनी वैध पत्नी की जगह दूसरी महिला कांति का फोटो एसईसीएल रिकॉर्ड में लगवाया और सीएमपीएफ, ग्रेच्युटी, पेंशन व अन्य मदों की राशि निकाल ली।
इतना ही नहीं, आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कराए, जिनमें नाम तो नसीमा बेगम का था, लेकिन फोटो मुंहबोली पत्नी कांति का लगाया गया था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक खातों से लाखों रुपये का आहरण कर लिया गया।
न्यायालय के आदेश की खुली अवहेलना
पीड़िता ने बताया कि कुटुंब न्यायालय ने बकाया 4 लाख 51 हजार रुपये की भरण-पोषण राशि दिलाने के लिए प्रबंधक, चरचा माइंस आरओ को आदेश जारी किया था कि आरोपी के सीएमपीएफ, ग्रेच्युटी एवं अन्य मदों से कटौती कर राशि पीड़िता को दी जाए। बावजूद इसके आरोपी ने फर्जी दस्तावेज पेश कर रकम पहले ही निकाल ली और उसे अपनी मुंहबोली पत्नी के खाते में जमा कर दिया।
पुलिस जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि
चरचा थाना पुलिस द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी कलामुद्दीन और कांति ने मिलकर कूटरचना कर नकली दस्तावेज तैयार किए और सरकारी व वित्तीय संस्थानों को धोखा देकर राशि का गबन किया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5), 318(4), 319(1), 336(1), 338 एवं 340(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। जांच पूरी होने के बाद बुधवार को दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
महिला अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला
यह मामला न केवल वैवाहिक धोखाधड़ी का है, बल्कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना, सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और पहचान संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग जैसे गंभीर अपराधों को भी उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना आगे भी जारी है और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।



