जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अनदेखा रहा गंभीर मुद्दा

दूषित पानी पर पूर्व नपा उपाध्यक्ष जिवेन्द्र सिंह का तीखा हमला
अनूपपुर | मदन मोहन मिश्रा
जिला स्वास्थ्य समिति अनूपपुर की अहम बैठक मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले के कलेक्टर, सीएमएचओ सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि जनस्वास्थ्य से सीधे जुड़े एक अत्यंत गंभीर मुद्दे—जिला अस्पताल अनूपपुर से निकलने वाले गंदे, बदबूदार और केमिकल युक्त अपशिष्ट जल—पर कोई चर्चा तक नहीं की गई।
अस्पताल का दूषित पानी सीधे तिपान नदी में
पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जिवेन्द्र सिंह ने इस लापरवाही को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल से निकलने वाला प्रदूषित पानी सीधे तिपान नदी में छोड़ा जा रहा है, जबकि उसी नदी का पानी नगरपालिका अनूपपुर द्वारा पेयजल के रूप में नगरीय क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति नगरवासियों के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है और इससे उदर रोग, संक्रमण, त्वचा रोग सहित गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

“बैठक में जनस्वास्थ्य नहीं, सिर्फ औपचारिकता?”
जिवेन्द्र सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का उद्देश्य ही जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर विमर्श करना है, तो फिर इस खतरनाक जल प्रदूषण को जानबूझकर नजरअंदाज क्यों किया गया? उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता और संवेदनहीनता का उदाहरण बताया।
तत्काल STP प्लांट लगाने की मांग
पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन और नगरपालिका परिषद अनूपपुर पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय परिसर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना तत्काल की जानी चाहिए, ताकि अस्पताल से निकलने वाले दूषित पानी को उपचारित कर ही नदी में छोड़ा जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक STP की व्यवस्था नहीं होती, तब तक अस्पताल और नगरपालिका दोनों मिलकर पानी के जरिए बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं, जो जनहित के साथ गंभीर अपराध के समान है।
“क्या यही जनहित है?” जिवेन्द्र सिंह ने कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया
“क्या इस तरह का प्रदूषित पानी नागरिकों को सप्लाई करना जनहित में आता है?”
सोशल मीडिया पर वीडियो-तस्वीरें वायरल
अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से जिवेन्द्र सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे स्वयं देखें कि कैसे नाली और अस्पताल का गंदा पानी नदी में मिलकर उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है। इस खुलासे के बाद आम नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
राजनीति में हलचल, प्रशासन पर सवाल
यह मामला अब केवल पर्यावरण या स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले की राजनीति में भी हलचल मचा रहा है। विपक्ष ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब और क्या ठोस कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।



