सुरजपुर

ग्राम पंचायत बरौधी की ग्राम सभा में गूंजा हक का स्वर

SECL प्रभावितों के रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे पर सर्वसम्मत प्रस्ताव,कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन।

भारत सम्मान/भटगांव/फिरोज खान:-जिले के ग्राम पंचायत बरौधी में 23 फरवरी 2026 को आयोजित ग्राम सभा में SECL परियोजना से प्रभावित परिवारों के मुद्दों पर व्यापक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। पंचायत भवन में दोपहर 12 बजे आयोजित इस बैठक में 133 ग्रामीणों की उपस्थिति रही, जहां रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा और प्रशासनिक आश्वासनों पर गंभीर सवाल उठे।

ग्राम सभा में उस पूर्व बैठक का भी उल्लेख किया गया, जो कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि उस दौरान यह आश्वासन दिया गया था कि 19 या 20 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत बरौधी में विशेष बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। हालांकि तय तिथि पर बैठक नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्राम सभा ने इसे प्रस्ताव में दर्ज करते हुए प्रशासन से स्पष्ट जवाब और नई तिथि घोषित करने की मांग की।

रोजगार और पुनर्वास पर ठोस मांग।

बैठक में वर्ष 2007 एवं 2012 की पुनर्वास नीति का हवाला देते हुए कहा गया कि जिन परिवारों की भूमि SECL परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उन्हें नियमानुसार रोजगार और पुनर्वास सुविधाएं मिलनी चाहिए।
ग्राम सभा ने मांग की कि प्रभावित परिवारों की पुनः सत्यापन सूची तैयार की जाए। लंबित रोजगार प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग रखी।

मुआवजा भुगतान में देरी पर नाराजगी।

ग्राम सभा में लंबित मुआवजा राशि और आर्थिक सहायता के भुगतान में देरी को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक अधिकार समयबद्ध तरीके से नहीं मिल रहा है, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

कलेक्टर को ज्ञापन, संयुक्त बैठक की मांग।

ग्राम सभा द्वारा पारित प्रस्ताव में 19–20 फरवरी को प्रस्तावित बैठक न होने का उल्लेख करते हुए जिला प्रशासन से ग्राम स्तर पर शीघ्र संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि राजस्व विभाग, SECL प्रबंधन और पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष समाधान शिविर लगाया जाए, ताकि लंबित प्रकरणों का मौके पर ही निपटारा किया जा सके।

चेतावनी-अब आश्वासन नहीं,समाधान चाहिए

ग्राम सभा ने स्पष्ट किया कि यदि समयसीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और कानूनी प्रक्रिया अपनाने को बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और प्रबंधन की होगी। बैठक के अंत में सरपंच, ग्राम सचिव एवं जनपद सदस्य द्वारा प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर उसे अनुमोदित किया गया।

Bharat Samman

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