स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पकड़ी आत्मनिर्भरता की राह

अध्यक्ष रामसेवक पैकरा बोले-सरकार बना रही है लखपति दीदी
भारत सम्मान/सलका-अघिना/फिरोज खान:-दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत इंदिरा गांधी महिला क्लस्टर सलका में आयोजित आमसभा आत्मनिर्भरता के संकल्प और महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत समूह की महिलाओं ने पुष्पगुच्छ एवं पारंपरिक सुग्गा नृत्य से किया।
19 पंचायतें, 397 समूह और सैकड़ों सपने
स्वागत उद्बोधन देते हुए फुलवती एक्का ने बताया कि इंदिरा गांधी महिला क्लस्टर सलका के अंतर्गत 19 ग्राम पंचायतों में 397 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। समूहों की महिलाएं बैंक लिंकेज, आरएफ और सीआईएफ ऋण के माध्यम से विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों में जुटी हैं।
मुर्गी पालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, ब्यूटी पार्लर, बर्तन दुकान, सिलाई केंद्र, जूता-चप्पल दुकान एवं कृषि कार्य जैसे व्यवसायों से महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
अब साल में लाखों की आमदनी – समूह की महिलाओं का अनुभव।
निशा रजवाड़े एवं उषा राजवाड़े ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले जीवन यापन के लिए संघर्ष करना पड़ता था। आर्थिक तंगी आम बात थी, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ऋण लेकर व्यवसाय शुरू करने के बाद उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज वे सालाना लाखों रुपए कमा रही हैं और परिवार खुशहाल जीवन जी रहा है।
PMSMA के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान।
कार्यक्रम में डॉ. अनिल शर्मा ने कहा कि यह देश सरोजिनी नायडू, लता मंगेशकर, कल्पना चावला और रानी लक्ष्मीबाई जैसी सशक्त महिलाओं का है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत गर्भवती माताओं की निःशुल्क जांच एवं औषधि वितरण किया जाता है।
नशा से सिर्फ नाश-रामसेवक पैकरा का सख्त संदेश।
मुख्य अतिथि रामसेवक पैकरा, अध्यक्ष वन विकास निगम छत्तीसगढ़ शासन, ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को वित्तीय सेवाओं से जोड़कर उनकी आय में विविधता लाना और जीवन स्तर सुधारना है। श्री पैकरा ने नशामुक्त समाज का आह्वान करते हुए कहा कि नशा से सिर्फ नाश होता है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने-अपने वार्डों में अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए संगठित हों, जरूरत पड़े तो थाना प्रभारी को आवेदन दें। जहां आवश्यकता होगी, मैं आपके साथ खड़ा हूं।
नेतृत्व और सामुदायिक भागीदारी का मंच।
अभय प्रताप सिंह (जनपद सदस्य प्रतिनिधि) ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। आमसभाएं न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम हैं, बल्कि नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देती हैं।
अनेक जनप्रतिनिधियों और महिलाओं की रही सक्रिय भागीदारी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता उमेश अग्रवाल, जागरे लाल यादव, एसआई नंदलाल सिंह, आशीष गुप्ता, रीता गिरी, ज्ञान प्रकाश दुबे, फिरोज खान, मोहन प्रताप सिंह, राजेश गुप्ता, प्रियेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महिला समूह की फूलवती एक्का, रेशमा परवीन, फूलमती राजवाड़े, प्रभा गुप्ता, शोभा ठाकुर, सुशीला ठाकुर, काजल, वर्षा, चंद्रमणी राजवाड़े, उषा राजवाड़े, दुर्गा विश्वकर्मा, रुपमनी, कौशल्या, निशा, अनिशा, योगेश्वरी, सुंदरमती सहित अन्य महिलाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में इंदिरा गांधी महिला क्लस्टर संगठन सलका बिहान का प्रतीक चिन्ह अतिथियों को भेंट किया गया तथा आभार व्यक्त रेशमा परवीन ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन ज्ञानप्रकाश दुबे ने किया।
आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी सलका की महिलाएं।
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक परिवर्तन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करती दिखाई दे रही है।



