हिमाल गुसैन बने ‘सुसीमा ट्रॉफी’ शतरंज प्रतियोगिता के चैंपियन, अंबिकापुर में हुआ भव्य समापन

अंबिकापुर : विशेष रिपोर्ट
सुसीमा वेल्फेयर फाउंडेशन द्वारा अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित चार दिवसीय रोमांचक “सुसीमा ट्रॉफी ऑल इंडिया ओपन फिडे रेटेड क्लासिकल चेस टूर्नामेंट 2026” का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। 8 कड़े चक्रों (राउंड्स) तक चले इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश भर के 250 से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपनी बौद्धिक और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
अंतिम चक्र का रोमांच: हिमाल गुसैन ने जीता खिताब
टूर्नामेंट के अंतिम और निर्णायक चक्र के पहले बोर्ड पर चंडीगढ़ के इंटरनेशनल मास्टर (IM) हिमाल गुसैन (रेटिंग 2411) ने मध्य प्रदेश के मजबूत खिलाड़ी वैभव नेमा को एक कड़े संघर्ष में शिकस्त दी। शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए हिमाल गुसैन ने कुल 7.5 अंक हासिल किए और टूर्नामेंट की चैंपियनशिप अपने नाम की। उन्हें मुख्य अतिथि द्वारा ₹61,000/- का नगद पुरस्कार और विजेता ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।

दूसरे बोर्ड पर पश्चिम बंगाल के कौस्तुभ कुण्डु और छत्तीसगढ़ के स्टार खिलाड़ी यशद बाम्बेश्वर के बीच मुकाबला बराबरी (ड्रॉ) पर छूटा। कौस्तुभ कुण्डु 7 अंकों के साथ उपविजेता रहे, जिन्हें ₹41,000/- का नगद पुरस्कार और उपविजेता ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके अलावा, महाराष्ट्र के श्रेयश घादी ने छत्तीसगढ़ के विनोद शर्मा को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया और ₹27,000/- का पुरस्कार प्राप्त किया।
शीर्ष विजेता और उनके अंक:
चौथा स्थान: यशद बाम्बेश्वर (छत्तीसगढ़) – 6.5 अंक (₹21,000/-)
पाँचवा स्थान: तनिष्क कुमार (झारखंड) – 6.5 अंक (₹15,000/-)
छठवाँ स्थान: गगन साहू (छत्तीसगढ़) – 6.5 अंक (₹13,000/-)
सातवाँ स्थान: सप्तऋषि तालुकदार (पश्चिम बंगाल) – 6.5 अंक (₹11,000/-)
आठवाँ स्थान: कैडिडेट मास्टर (CM) विनोद कुमार शर्मा (छत्तीसगढ़) – 6.5 अंक (₹9,100/-)
विभिन्न आयु वर्ग और विशेष श्रेणियों के विजेता:
1650 रेटिंग वर्ग के नीचे: मध्य प्रदेश के यशवर्धन सिंह चौहान प्रथम, छत्तीसगढ़ के साहिल सागर दूसरे और अंबिकापुर के 7 वर्षीय नन्हें प्रज्वल पांडे ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अनरेटेड ग्रुप: छत्तीसगढ़ के शुभम कुमार पहले और जशपुर के एलन रफ़ेल लकड़ा दूसरे स्थान पर रहे।
सरगुजा संभाग विशेष पुरस्कार: सूरजपुर के अभिषेक राजवाड़े प्रथम, अंबिकापुर के अंशुमान सहाय द्वितीय, रोहन गुप्ता तृतीय, सीतापुर के सुशील कुमार चौथे और जशपुर के गणेश राम भगत पाँचवें स्थान पर रहे।
अन्य आयु वर्गों में बेस्ट अंडर-15, अंडर-13, अंडर-11, अंडर-9, अंडर-7 (बालक एवं बालिका वर्ग), बेस्ट फीमेल और बेस्ट वेटरन (60+) के खिलाड़ियों को भी आकर्षक ट्रॉफियों और नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
जिला शिक्षा अधिकारी का मार्गदर्शन: सातवें चक्र के पश्चात् सरगुजा जिले के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने प्रतियोगिता स्थल का दौरा किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए सरगुजा को शतरंज का राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए आयोजकों की सराहना की और भविष्य में ऐसे और भी बड़े आयोजनों की उम्मीद जताई।
महापौर की घोषणा: पुरस्कार वितरण समारोह की मुख्य अतिथि अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत रहीं। उन्होंने प्रतियोगिता को लेकर गहरी रुचि दिखाई और सुसीमा ट्रॉफी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग करने की घोषणा की।
इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में भारती वैष्णव, मंजू जायसवाल और डॉ. मनीषा जायसवाल उपस्थित रहीं, जिनके कर-कमलों से विजेताओं को पदक और ट्राफियां प्रदान की गईं।
सफल आयोजन में इनका रहा विशेष
कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन के अध्यक्ष रमानंद जायसवाल ने की। सभा को छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के संयुक्त सचिव सरोज कुमार वैष्णव, आयोजन समिति के अध्यक्ष बिश्वनाथ मनियन और सुसीमा वेल्फेयर फाउंडेशन के सचिव विश्वास तिवारी ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण फाउंडेशन के अध्यक्ष सुजित जायसवाल ने दिया तथा संचालन सत्येंद्र प्रजापति ने किया।
खेल को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में इंटरनेशनल चीफ आर्बिटर विशाल कुमार मिंज, डिप्टी चीफ आर्बिटर प्रदीप मंडल और रॉकी देवांगन ने निर्णायक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में दिनेश कुमार सिंह, संतोष बैगा, नवीन जायसवाल, जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष आर.के.एस. राणा, एस.एस.पी. वर्मा, शेषरतन जायसवाल, रविशंकर गुप्ता, श्रीराम पांडेय, नीलेश श्रीवास्तव, मालती भगत, सुनीता राजवाड़े, चांदनी अगरिया, अमृता तिर्की सहित पूरी ऑफिशियल्स टीम का सराहनीय योगदान रहा।





