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एसपी वैभव वैंकर ने अवैध पशु तस्करों पर कसा शिकंजा: 1 गिरफ्तार, 6 फरार; थाना प्रभारी की शह पर चल रहा था खेल!

बलरामपुर (छत्तीसगढ़) : विशेष रिपोर्ट 

बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र में लंबे समय से बेखौफ चल रहे अवैध पशु तस्करी के काले कारोबार पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) वैभव वैंकर ने कड़ा प्रहार किया है। गुप्त सूचना पर तत्परता दिखाते हुए एसपी ने थाना प्रभारी बसंतपुर और चौकी प्रभारी वाड्रफनगर की एक विशेष संयुक्त टीम को सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में मौके पर भेजा, जिसके बाद इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल, स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि जब से रघुनाथनगर थाने में नए प्रभारी डाकेश्वर सिंह की पदस्थापना हुई है, तब से क्षेत्र में पशु तस्करी का धंधा चरम पर पहुँच गया था। यह पूरी पुलिसिया कार्रवाई रघुनाथनगर थाना प्रभारी डाकेश्वर सिंह की जानकारी के बिना की गई, जिससे विभागीय सांठगांठ की आशंका गहरा गई है।

गृह मंत्री विजय शर्मा की चेतावनी

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने पूर्व में स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि किसी थाना प्रभारी के क्षेत्राधिकार में अवैध पशु तस्करी का मामला सामने आता है, तो उस प्रभारी पर तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि एसपी वैभव वैंकर क्या रघुनाथनगर थाना प्रभारी पर गाज गिराते हैं, ताकि जिले में पशु तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।

 

असल और प्रेस विज्ञप्ति/FIR में भिन्नता क्यों?

एसपी ने थाना प्रभारी बसंतपुर और चौकी प्रभारी वाड्रफनगर की संयुक्त टीम सादे ड्रेस में भेजा था जबकि FIR व प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अनुसार, दिनांक 16 सितंबर 2026 की रात रघुनाथनगर थाने के सहायक उप-निरीक्षक (सउनि) फिलिरियुस टोप्पो अपनी टीम (प्रधान आरक्षक निर्मल तिर्की, नानसाय खलखो और आरक्षक राममूरत यादव) के साथ शासकीय वाहन से देहात भ्रमण एवं गश्त पर थे। इसी दौरान रात लगभग 11:35 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम केसारी में कुछ मवेशी तस्कर बड़ी संख्या में भैंस-भैंसों को क्रूरतापूर्वक मारते-पीटते हुए जंगल के रास्ते पैदल उत्तर प्रदेश की सीमा में बूचड़खाने ले जाने की फिराक में हैं।

मतलब साफ़ हो गया कि थाना प्रभारी झूठा श्रेय लेने के लिए अपने पुलिस कर्मचारियों का नाम लिखकर कार्यवाही शो-अप कर रहा है, क्या थाना प्रभारी डाकेश्वर सिंह के द्वारा पहली बार पुलिस अधीक्षक की कमान सँभालने वाले वैभव वैंकर को मूर्ख समझा जा रहा है। कई सवाल ऐसे जन्म ले चुके हैं और जवाब का इंतज़ार जिले की जनता कर रही है।

रेड की कार्रवाई: 34 नग मवेशी जप्त, ‘साक्ष्य ऐपसे वीडियोग्राफी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलरामपुर एसपी एसपी वैभव वैंकर को सूचना मिली कि थाना रघुनाथनगर क्षेत्र में बड़े पैमाने में अवैध रूप से पशुओं की तस्करी की जा रही है, तभी तत्परता दिखाते हुए एसपी ने थाना प्रभारी बसंतपुर और चौकी प्रभारी वाड्रफनगर की संयुक्त टीम सादे ड्रेस में भेजा तब जाकर मामला सामने आया।

पुलिस टीम ने ग्राम केसारी (बहेराखांड) के पास जंगल के रास्ते उत्तर प्रदेश की ओर बूचड़खाने पैदल ले जाए जा रहे 34 नग अवैध पशुओं (भैंस एवं भैंसा) को जप्त किया। जप्त मवेशियों की कुल अनुमानित कीमत ₹6,80,000/- आंकी गई है।

कार्रवाई के दौरान आरोपी मवेशी परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके। नए कानूनी नियमों के तहत पूरी जप्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी ‘ई-साक्ष्य ऐप’ (e-Sakshya App) के माध्यम से डिजिटल साक्ष्य के रूप में तैयार कर अदालत को भेजी गई है।

7 तस्करों पर मामला दर्ज: 1 दबोचा गया, 6 अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

पूछताछ और आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने कुल 7 आरोपियों की पहचान की है, जो सभी ग्राम केसारी (थाना रघुनाथनगर) के निवासी हैं:

1. दीपक सोनवानी (पिता: गोपीचंद सोनवानी) – मौके से गिरफ्तार

2. संजय सोनवानी (पिता: गोपीचंद सोनवानी) – फरार

3. मानिकचंद सोनवानी (पिता: स्व. रामनाथ सोनवानी) – फरार

4. अशोक सोनवानी (पिता: मोतीलाल सोनवानी) – फरार

5. जितेन्द्र जायसवाल (पिता: हुकुमचंद जायसवाल) – फरार

6. गोरखनाथ जायसवाल (पिता: रामवृक्ष जायसवाल) – फरार

7. देव कुमार सोनवानी (पिता: मोतीलाल सोनवानी) – फरार

कड़े कानूनों के तहत एफ.आई.आर. दर्ज, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी

मुख्य आरोपी दीपक सोनवानी को 17 सितंबर 2026 की सुबह 07:05 बजे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

रघुनाथनगर थाने में आरोपियों के विरुद्ध निम्नलिखित धाराओं के तहत अपराध (प्र.सू.रि. सं. 0110/2026) दर्ज किया गया है:

 भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: धारा 111(2) (संगठित अपराध)

 छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004: धारा 4, 6 एवं 10

 पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960: धारा 11(1)(d)

जप्त किए गए सभी पशुओं का पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। पुलिस फरार 6 अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

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