सुरजपुर

महामाया ओसीपी परियोजना: पुनर्वास पर मंथन के बीच बरौधी के ग्रामीणों की आपत्ति

कलेक्टर ने गांव में बैठक के दिए निर्देश।

भारत सम्मान/सूरजपुर/फिरोज खान:- एसईसीएल के भटगांव क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित महामाया ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) को लेकर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना की प्रक्रिया अब संवेदनशील मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। जिला संयुक्त कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक में एक ओर प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत बरौधी के ग्रामीणों ने कई बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए सहमति देने से इंकार कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंप दिया।

बैठक में परियोजना से प्रभावित ग्राम जरही, कपसरा, सेधोपारा, दुरती एवं बरौधी के परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। अधिग्रहित भूमि एवं मकानों का आंकलित मुआवजा, प्रस्तावित बसाहट स्थल पर भूखंड आबंटन अथवा एकमुश्त मुआवजा तथा नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, संवेदनशील और नियमानुसार संचालित की जाएगी, ताकि प्रभावित परिवारों को वर्तमान स्थिति के समकक्ष या उससे बेहतर जीवनस्तर मिल सके।

इसी दौरान ग्राम पंचायत बरौधी के ग्रामीणों ने ज्ञापन प्रस्तुत कर मुआवजा निर्धारण और पुनर्वास प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से उक्त भूमि पर आश्रित हैं और मुआवजा निर्धारण में वर्तमान बाजार मूल्य तथा भूमि की वास्तविक स्थिति का समुचित आकलन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि पुराने दिशा-निर्देशों और पूर्व की परिस्थितियों के आधार पर मुआवजा तय करने की तैयारी की जा रही है, जो वर्तमान समय के अनुरूप नहीं है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कई मामलों में राजस्व अभिलेखों और जमीन की वास्तविक स्थिति में अंतर है, इसलिए पहले वर्तमान स्थिति का सत्यापन कर नए सिरे से मुआवजा निर्धारण किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि सिंचित और असिंचित भूमि के आधार पर अलग-अलग दर तय की जाए, क्योंकि बड़ी मात्रा में भूमि सिंचित होने का दावा किया गया है।

ग्रामीणों ने पूर्व अधिग्रहण प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कुछ हितग्राहियों को न तो रोजगार मिला और न ही पूर्ण मुआवजा, जबकि भूमि का नामांतरण कर दिया गया। ऐसे मामलों की जांच कर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग भी ज्ञापन में की गई है। साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि सभी बिंदुओं का निराकरण होने तक पुनर्वास से जुड़ी कार्यवाही पर पुनर्विचार किया जाए और संयुक्त समिति गठित कर राजस्व अधिकारियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और एसईसीएल के अधिकारियों की सहभागिता से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।

ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और अनुविभागीय दंडाधिकारी भैयाथान को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर ग्राम पंचायत बरौधी में बैठक आयोजित की जाए। इस बैठक में कलेक्टर स्वयं उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और संबंधित अधिकारियों के साथ समाधान की दिशा में चर्चा करेंगे।

बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, एसईसीएल के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित ग्रामों के सरपंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

महामाया ओसीपी परियोजना को लेकर अब प्रशासन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच संवाद की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है। गांव में प्रस्तावित बैठक को अहम माना जा रहा है, जहां मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर आगे की दिशा तय होने की संभावना है।

Bharat Samman

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