बैजनाथपुर में जनपद सदस्य को लेकर बड़ा विवाद: सविता सिंह निर्वाचित फिर दूसरा नाम क्यों हो रहा प्रचारित?

प्रशासनिक बैठकों में मौजूदगी से उठे गंभीर सवाल।
भारत सम्मान/भैयाथान/फिरोज खान:- जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत क्षेत्र क्रमांक 4 बैजनाथपुर में इन दिनों जनपद पंचायत सदस्य को लेकर बड़ा विवाद और चर्चा का माहौल बना हुआ है। क्षेत्र में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर वास्तविक जनपद पंचायत सदस्य कौन है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर सविता सिंह को जनपद पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 4 बैजनाथपुर के रूप में चुना है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में एक अन्य नाम को जनपद पंचायत सदस्य के रूप में प्रचारित किए जाने की चर्चा भी सामने आ रही है। इससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासनिक बैठकों में उपस्थिति से बढ़े सवाल।
क्षेत्र में यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि संबंधित व्यक्ति को कई प्रशासनिक बैठकों में उपस्थित होते देखा गया है। ऐसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि वह बैठकों में जनपद पंचायत सदस्य के रूप में शामिल हो रहे हैं या किसी प्रतिनिधि (प्रॉक्सी) के रूप में।
यदि क्षेत्र क्रमांक 4 बैजनाथपुर की निर्वाचित जनपद पंचायत सदस्य सविता सिंह हैं, तो फिर किसी अन्य व्यक्ति की प्रशासनिक बैठकों में मौजूदगी किस आधार पर हो रही है—यह सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
यदि प्रतिनिधि के रूप में उपस्थिति, तो अधिकार किसके पास?
यदि कोई व्यक्ति प्रतिनिधि के रूप में बैठकों में शामिल होता है, तो यह भी बड़ा सवाल है कि उसे प्रतिनिधि नियुक्त करने का अधिकार किसने दिया।
क्या किसी जनपद पंचायत सदस्य को अपने स्थान पर प्रतिनिधि नियुक्त करने का अधिकार है, जो उनकी जगह बैठकों में शामिल होकर निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन सके?
यदि ऐसा कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है, तो फिर इस तरह की उपस्थिति किस नियम के तहत हो रही है—यह भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी उठे सवाल।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लोकतंत्र में जनता जिस व्यक्ति को चुनती है, वही व्यक्ति जनता का प्रतिनिधित्व करता है।।ऐसे में यदि कोई अन्य व्यक्ति खुद को जनपद पंचायत सदस्य के रूप में प्रस्तुत करे या बैठकों में शामिल हो, तो यह स्थिति चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े करती है।
निर्वाचन प्रमाण पत्र ही होता है अंतिम आधार।
जानकारों का कहना है कि किसी भी चुनाव में अंतिम और वैधानिक मान्यता उसी प्रत्याशी को मिलती है जिसे निर्वाचन अधिकारी द्वारा विजेता घोषित कर अधिकृत प्रमाण पत्र दिया जाता है। ऐसे में यह भी महत्वपूर्ण सवाल है कि क्षेत्र क्रमांक 4 बैजनाथपुर से विजयी घोषित कर प्रमाण पत्र आखिर किसे दिया गया था।
सीईओ विनय गुप्ता का सख्त रुख।
इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत भैयाथान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय गुप्ता (जिला सूरजपुर) ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। सीईओ विनय गुप्ता ने कहा है कि आगामी प्रशासनिक बैठकों में किसी भी जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि को बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठकों में केवल विधिवत निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ही शामिल होने दिया जाएगा।
मीडिया में नाम आने की जिम्मेदारी प्रशासन की नहीं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी समाचार पत्र या चैनल में किसी व्यक्ति को जनपद पंचायत सदस्य के रूप में प्रकाशित या प्रसारित किया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की नहीं होगी, मीडिया की स्वयं जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर किसी व्यक्ति की वैधानिक स्थिति तय नहीं होती।
गलत प्रचार पर होगी कार्रवाई।
सीईओ विनय गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद को जनपद पंचायत सदस्य बताकर प्रचार करता है या इस प्रकार की कोई गतिविधि जनपद पंचायत के संज्ञान में आती है, तो उस पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जनता चाहती है स्पष्टता।
बैजनाथपुर क्षेत्र में अब लोगों की नजर जिला प्रशासन सूरजपुर और जनपद पंचायत भैयाथान पर टिकी हुई है। जनता चाहती है कि प्रशासन आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट करे कि क्षेत्र क्रमांक 4 बैजनाथपुर का वास्तविक जनपद पंचायत सदस्य कौन है, ताकि क्षेत्र में फैला भ्रम समाप्त हो सके। क्योंकि लोकतंत्र में जनता का मत सर्वोपरि होता है, और उसी के आधार पर तय होता है कि जनता का वास्तविक प्रतिनिधि कौन है। ऐसे में इस पूरे मामले पर स्पष्टता लाना प्रशासन की जिम्मेदारी भी है और समय की मांग भी।



