सुरजपुर

ग्रामीण अंचल आधार कार्ड फुटबॉल प्रतियोगिता 2025–26 का समापन

खेल भावना के बीच मंच व्यवस्था और प्रोटोकॉल उल्लंघन बना चर्चा का विषय

भारत सम्मान/सूरजपुर/फिरोज खान– ग्राम पंचायत बरौधी में आयोजित ग्रामीण अंचल आधार कार्ड फुटबॉल प्रतियोगिता 2025–26 का समापन समारोह उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। जनपद पंचायत भैयाथान, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने ग्रामीण अंचल की खेल प्रतिभाओं को मंच दिया, लेकिन खेल के साथ-साथ समापन समारोह में अपनाई गई मंच व्यवस्था और आमंत्रण पत्र में प्रोटोकॉल उल्लंघन भी चर्चा का विषय बना रहा।

रोमांचक फाइनल, कपसरा ने जीता खिताब

प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला ग्राम पंचायत कपसरा और ग्राम पंचायत तमोर की टीमों के बीच खेला गया। मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ के समाप्त होने से पहले ही कपसरा की टीम ने एक निर्णायक गोल कर बढ़त बना ली।

दूसरे हाफ में तमोर की टीम ने बराबरी के लिए लगातार आक्रमण किए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अंततः कपसरा की टीम ने 1–0 से मुकाबला जीतकर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, जबकि तमोर की टीम उपविजेता रही।

विजेता–उपविजेता टीमों का सम्मान

समापन समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा विजेता एवं उपविजेता दोनों टीमों को नकद पुरस्कार राशि के साथ चमचमाती ट्रॉफी प्रदान की गई। खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए दर्शकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।
आमंत्रण पत्र और मंच व्यवस्था पर उठे सवाल
हालांकि खेल आयोजन सराहनीय रहा, लेकिन समापन समारोह के आमंत्रण पत्र में अतिथियों के नामों के क्रम और मंचीय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। जानकारों के अनुसार, संवैधानिक प्रोटोकॉल के तहत अतिथियों का क्रम स्पष्ट होने के बावजूद उसका पालन नहीं किया गया।वर्तमान जनप्रतिनिधि पीछे, पूर्व पदाधिकारी आगे

वर्तमान जनप्रतिनिधि पीछे, पूर्व पदाधिकारी आगे

आमंत्रण पत्र में वर्तमान निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की तुलना में पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद जैसे पदाधिकारियों को आगे स्थान दिया गया, जिसे शिष्टाचार और संवैधानिक मर्यादा के विपरीत माना जा रहा है। इसके अलावा नगर पालिका, नगर पंचायत अध्यक्षों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के क्रम में भी असंतुलन देखने को मिला।

सरपंच की भूमिका भी बनी सवालों के घेरे में

ग्राम पंचायत स्तर के इस आयोजन में सरपंच की अध्यक्षता होते हुए भी मंचीय भूमिका स्पष्ट और प्रभावी नहीं दिखी, जिससे ग्राम स्तरीय संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

आयोजन समिति की जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न

आमंत्रण पत्र में कार्यक्रम का आयोजन समस्त ग्रामवासी एवं युवा फुटबॉल क्लब, बरौधी द्वारा किया जाना दर्शाया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आयोजन समिति को प्रोटोकॉल की जानकारी नहीं थी? या फिर यह अनदेखी जानबूझकर की गई? जानकारों का कहना है कि दोनों ही स्थितियों में यह लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है।

सम्मान शब्दों से नहीं, व्यवस्था से झलकता है

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सम्मान केवल भाषणों और स्वागत से नहीं, बल्कि मंच व्यवस्था और अतिथियों के क्रम से झलकता है। भविष्य में ऐसे आयोजनों में यदि प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन नहीं किया गया, तो खेल जैसे सकारात्मक आयोजनों की गरिमा भी विवादों में घिरती रहेगी।

Bharat Samman

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