महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में लापरवाही पर 2020 की कार्रवाई, अब 2026 के मामले में फिर उठे सवाल
नाबालिग से दुष्कर्म का मामला: फरार आरोपी तरुण जायसवाल की तलाश तेज, 12 बोर लाइसेंसी बंदूक जब्त, संपत्ति कुर्की की तैयारी

अंबिकापुर/बलरामपुर। विशेष रिपोर्ट
वर्ष 2020 में बलरामपुर जिले में महिलाओं और नाबालिग बालिकाओं के विरुद्ध लगातार सामने आए दुष्कर्म के मामलों में पुलिस की कथित लापरवाही पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन वाड्रफनगर एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल एवं रघुनाथनगर थाना प्रभारी जॉन प्रदीप लकड़ा को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। उस समय सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया था कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छह वर्ष बाद, 2026 में एक बार फिर सरगुजा संभाग में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रभावशाली लोगों की कथित भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
15 वर्षीय आदिवासी नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप
अंबिकापुर कोतवाली क्षेत्र के एक ग्राम की उपसरपंच के पति तरुण जायसवाल पर पड़ोस में रहने वाली 15 वर्षीय आदिवासी नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म का आरोप है।
एफआईआर के अनुसार, घटना 20 जुलाई 2026 की बताई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। इस मामले में आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का न्यायालय में परीक्षण होना बाकी है।

8 लाख में समझौते का प्रयास करने का आरोप
पीड़िता के पिता का आरोप है कि घटना के अगले दिन 21 जुलाई 2026 को आरोपी के भाई अरुण जायसवाल, उसकी पत्नी, पूर्व सरपंच विवेक पैंकरा तथा अशोक जायसवाल ने कथित रूप से ₹8 लाख देकर मामला दबाने और समझौता कराने का प्रयास किया। इन आरोपों की भी जांच की जानी शेष है।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
घटना की पड़ताल के दौरान कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे गांव में आरोपी जायसवाल परिवार का प्रभाव है और गंभीर मामलों में भी कथित रूप से आर्थिक प्रभाव का उपयोग कर समझौते कराए जाते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा किया जाना आवश्यक है।
राजनीतिक प्रभाव के आरोप
पूर्व में प्रसारित हमारे लाइव वीडियो में कई ग्रामीणों ने आरोपी को भाजपा जिला अध्यक्ष का करीबी बताया था। इसके बाद जब एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता द्वारा कथित रूप से “नाबालिग की सहमति” जैसी टिप्पणी का उल्लेख सार्वजनिक चर्चा में आया, तब भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के कई नेता अपने-अपने पक्ष में सफाई देते तथा पीड़ित परिवार के संपर्क में आते दिखाई दिए।
हालांकि, इस प्रकरण में किसी भी राजनीतिक दल या नेता की संलिप्तता का कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पुलिस अधिकारियों पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने हमारे लाइव वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के कुछ रिश्तेदार पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने खुलकर एसडीओ(पी) ध्रुवेश जायसवाल पर भी आरोपी को फरार होने में सहायता करने के आरोप लगाए हैं।
इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
2020 की कार्रवाई और 2026 की अपेक्षा
वर्ष 2020 में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में पुलिस की कथित लापरवाही पर तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को निलंबित करने जैसी कड़ी कार्रवाई की गई थी। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि वर्तमान मामले में जांच के दौरान किसी पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो क्या उनके विरुद्ध भी समान कठोर कार्रवाई होगी।
उद्देश्य न्याय, राजनीति नहीं
इस पूरे प्रकरण में हमारा उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि पीड़िता को न्याय दिलाने, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने तथा यदि किसी स्तर पर प्रभाव, दबाव या लापरवाही हुई है तो उसे कानून के दायरे में लाने की आवश्यकता को सामने रखना है।
यदि जांच में किसी भी व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका नहीं पाई जाती है, तो उन्हें कानून के अनुसार पूर्ण निष्पक्षता के साथ राहत मिलनी चाहिए। वहीं यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होना न्याय व्यवस्था की मूल अपेक्षा है।
नाबालिग से दुष्कर्म का मामला: फरार आरोपी तरुण जायसवाल की तलाश तेज, 12 बोर लाइसेंसी बंदूक जब्त, संपत्ति कुर्की की तैयारी
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी तरुण जायसवाल (निवासी ग्राम भफौली) की गिरफ्तारी के लिए सरगुजा पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देश पर गठित विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध चल रही विवेचना के दौरान उसके घर से 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक एवं उसका लाइसेंस जब्त कर लिया है। साथ ही आरोपी की चल एवं अचल संपत्ति की जानकारी जुटाकर कुर्की की वैधानिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अपराध क्रमांक 504/2026 में दर्ज है मामला
पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 504/2026 में आरोपी तरुण जायसवाल के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(1) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज है। आरोप है कि आरोपी ने एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म किया और घटना के बाद से फरार है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में व्यापक आक्रोश व्याप्त है।
गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम, ₹5 हजार का इनाम घोषित
डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष पुलिस टीम गठित कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी में सहयोग करने अथवा उसकी गिरफ्तारी संबंधी सार्थक सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। पुलिस टीम लगातार विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर सूचना एकत्रित कर रही है।
आरोपी के घर से लाइसेंसी बंदूक जब्त
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी के नाम पर 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक है। आरोपी के विरुद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के कारण उसके शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण का प्रस्ताव पहले ही पुलिस द्वारा भेजा जा चुका था।
इसी क्रम में थाना कोतवाली पुलिस ने आरोपी के परिजनों द्वारा प्रस्तुत एक 12 बोर बंदूक एवं उसका लाइसेंस जब्त कर लिया है। पुलिस ने जब्त शस्त्र को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने राजस्व विभाग से संपर्क कर आरोपी की चल एवं अचल संपत्तियों का विवरण प्राप्त किया है। पुलिस के अनुसार, नियमानुसार संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही ग्राम भफौली में कथित अतिक्रमित भूमि के संबंध में मौका निरीक्षण (ऑन-साइट सत्यापन) कराने के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
शरण देने वालों पर भी होगी कार्रवाई
सरगुजा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति आरोपी को शरण देता है, छिपाता है या उसकी किसी भी प्रकार से मदद करता है, तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास फरार आरोपी तरुण जायसवाल के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी हो, तो तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचनाकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा उपयोगी सूचना देने वाले को घोषित पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।




