सुरजपुर

सुरजपुर जिले के भैयाथान सीएचसी में चिकित्सकीय लापरवाही का खुला खेल

आयुष और आरएमए के भरोसे संचालित हो रहा सरकारी अस्पताल।

भारत सम्मान/सूरजपुर/फिरोज खान:-जिले के भैयाथान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मरीजों का इलाज अब पूरी तरह आयुष चिकित्सकों और RMA (रूरल मेडिकल असिस्टेंट) के भरोसे चल रहा है। हाल ही में जारी किए गए ड्यूटी रोस्टर ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा 23 जुलाई 2025 से लागू की गई नई ड्यूटी सूची में एलोपैथिक एमबीबीएस डॉक्टरों की अनुपस्थिति साफ़ दिखाई दे रही है। अधिकतर पालियों में आयुष चिकित्सक, RMA और फार्मासिस्टों की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि एलोपैथी चिकित्सकों की मौजूदगी नाममात्र है।आयुष डॉक्टर एलोपैथी में नहीं कर सकते इलाज।

आयुष डॉक्टर एलोपैथी में नहीं कर सकते इलाज।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े नियमों के अनुसार आयुष चिकित्सकों को एलोपैथिक दवाएं लिखने और इलाज करने का अधिकार नहीं है। बावजूद इसके, भैयाथान सीएचसी में उन्हें प्रमुख ड्यूटी में तैनात किया गया है। यह नियमों का सीधा उल्लंघन है।

RMA को नहीं है गंभीर बीमारियों और MLC/PM का अधिकार।

वहीं RMA को न तो गंभीर रोगियों के इलाज का अधिकार है और न ही किसी प्रकार की मेडिकल लीगल केस (MLC) या पोस्टमॉर्टम (PM) से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति। बावजूद इसके, RMA को नाइट शिफ्ट और इमरजेंसी ड्यूटी में प्रमुखता से लगाया गया है।मरीजों की जान जोखिम में।

मरीजों की जान जोखिम में।

भैयाथान क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि जब अस्पताल में योग्य डॉक्टर ही नहीं रहेंगे, तो बीमार लोग कहां जाएं? आयुष और RMA हमारे गंभीर बीमार बच्चों और बुजुर्गों का क्या इलाज करेंगे?

जनता ने उठाए सवाल।

क्या स्वास्थ्य विभाग नियमों की अनदेखी कर रहा है?, किस आधार पर आयुष और RMA को एलोपैथिक अस्पताल की जिम्मेदारी दी जा रही है?, यदि कोई इमरजेंसी हो जाए तो जवाबदेही किसकी होगी? यह पूरी स्थिति सूरजपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा करती है। जरूरत इस बात की है कि प्रशासन तत्काल इस पर संज्ञान ले और अस्पताल में पूर्णकालिक MBBS डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करे।

Bharat Samman

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