तालाब गहरीकरण पर उठे सवालों की जांच पूरी, शिकायत निकली निराधार, मनरेगा नहीं बल्कि 15वें वित्त आयोग मद से कराया जा रहा कार्य

भारत सम्मान | सूरजपुर | युसूफ मोमिन
जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत धुमाडांड में तालाब गहरीकरण कार्य को लेकर की गई शिकायत की जांच पूरी हो गई है। जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप निराधार पाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार तालाब गहरीकरण का कार्य मनरेगा योजना के तहत नहीं, बल्कि 15वें वित्त आयोग मद की राशि से कराया जा रहा है, जिसमें मशीनों के उपयोग की अनुमति है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पूर्व जनपद पंचायत प्रतापपुर कार्यालय में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत धुमाडांड में लगभग दो लाख रुपये की लागत से मनरेगा योजना के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन मजदूरों से कार्य कराने के बजाय जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पंजीकृत मजदूरों को रोजगार से वंचित किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों द्वारा जांच कराई गई। कार्यक्रम अधिकारी निर्मल सिंह श्याम ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि उक्त तालाब गहरीकरण कार्य मनरेगा योजना से स्वीकृत नहीं है। यह कार्य 15वें वित्त आयोग की राशि से स्वीकृत किया गया है और शासन के नियमानुसार इस मद से होने वाले कार्यों में एक्सीवेटर या अन्य मशीनों का उपयोग किया जा सकता है।
जांच के दौरान पंचायत के सचिव, सरपंच, पंच एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में हस्ताक्षरयुक्त पंचनामा भी तैयार किया गया। पंचनामा में स्पष्ट किया गया कि तालाब गहरीकरण कार्य 15वें वित्त आयोग मद से स्वीकृत है और कार्य नियमानुसार कराया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार तालाब गहरीकरण कार्य के लिए 23 फरवरी 2026 को पंचायत भवन में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि तालाब के गहरीकरण से क्षेत्र में सिंचाई सुविधा में वृद्धि होगी तथा पशुओं के लिए पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। ग्राम सभा में उपस्थित सदस्यों की सहमति और अनुमोदन के बाद इस कार्य को 15वें वित्त आयोग मद की राशि से कराने का प्रस्ताव पारित किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए हैं और तालाब गहरीकरण का कार्य शासन के नियमों के अनुरूप कराया जा रहा है।



