शासकीय महाविद्यालय में डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन, छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर जोर

गुरुर, अमित कुमार मंडावी
आज के तेजी से बदलते डिजिटल युग में छात्र-छात्राओं को तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शासकीय महाविद्यालय गुरुर में वाणिज्य विभाग द्वारा डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सैयद जुल्फी, मास्टर ट्रेनर ने छात्र-छात्राओं को डिजिटल दुनिया की बुनियादी और व्यावहारिक जानकारियाँ प्रदान कीं। उन्होंने कंप्यूटर के मूल उपयोग, इंटरनेट की सुरक्षित और प्रभावी उपयोगिता, विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान प्रणाली, पैन कार्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं तथा साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल विभाजन को कम करना और ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना रहा। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल साक्षरता के माध्यम से शिक्षा, रोजगार, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक आसान और पारदर्शी पहुँच संभव हो सकेगी, जिससे युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर बन सकेगी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के.एल. रावटे ने कहा कि आज के समय में डिजिटल ज्ञान केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होते हैं। वहीं वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जी.एस. देवांगन ने डिजिटल साक्षरता को रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में प्रो. प्रेमचंद साहू सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण उपस्थित रहे और उन्होंने छात्र-छात्राओं को डिजिटल तकनीक के सकारात्मक उपयोग के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने डिजिटल साक्षरता से जुड़े अपने प्रश्न रखे, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया। आयोजन को विद्यार्थियों ने अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।



