सुरजपुर

गरीबों की ज़िंदगी से खिलवाड़-उप स्वास्थ्य केंद्र सिलौटा में दवा घोटाला उजागर

लापरवाह स्टाफ पर कार्रवाई की मांग।

पूरा सरगुजा संभाग सहित छत्तीसगढ़ को देने वाला सनसनी दवा घोटाला मामला सामने आया।

ग्रामीणों ने किया उप स्वास्थ्य केंद्र का पर्दाफाश,भाजपा सरकार की स्वास्थ योजनाओं को दिखा रहे ठेंगा।

भारत सम्मान/सूरजपुर/यूसुफ मोमिन:- स्वास्थ्य विभाग का सनसनीखेज खबर प्रकाशन के बाद, जागा जिला प्रशासन भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाओं का मिला जखीरा,हड़कंप मचा स्वास्थ्य विभाग में प्रतापपुर शासन-प्रशासन की मंशा है कि गांव-गांव में गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले,हर बीमार को मुफ्त दवाई उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी गरीब को इलाज के लिए तरसना न पड़े। लेकिन प्रतापपुर ब्लॉक के उप स्वास्थ्य केंद्र सिलौटा का हाल देखिए। यहां शासन की योजना पर पानी फेरते हुए गरीबों की हक की दवाइयां न तो मरीजों तक पहुंचीं, बल्कि बोरी भर-भरकर जला दी गईं।

खबर प्रकाशित होने के बाद जब बीएमओ और स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम मौके पर पहुंची, तो अस्पताल परिसर में भारी मात्रा में जली हुई जीवनरक्षक दवाइयां मिलीं। जांच आगे बढ़ी तो स्टोर रूम का ताला तोड़कर और पुराने भवन में 50–60 पेटी एक्सपायरी दवाइयां दबाकर छुपाई गई पाई गईं। इतना ही नहीं, कई दवाइयां बिल्कुल सही हालत में थीं, मगर डॉक्टर और स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण कभी मरीजों को बांटी ही नहीं गईं। और जीवन रक्षक दवाइयां डॉक्टरों की लापरवाही के वजह से गरीबों को बताने वाला लाखों रुपए की दवाई स्टोर रूम में पड़े पड़े खराब हो गया।

लापरवाही की इंतिहा…

डॉक्टर पूरे जुलाई माह में ड्यूटी पर नहीं आए, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर में पूरे महीने की फर्जी हाजिरी लगाई गई।
पूछे जाने पर डॉक्टर का कहना था – “शासन के पास अस्पताल चलाने का पैसा नहीं है, मैंने अपने घर से डेढ़ लाख खर्च किया है… मुझे दबाव मत दीजिए, नौकरी जाए भाड़ में।” गांव के सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीणों के सामने भी डॉक्टर और स्टाफ ने गाली-गलौज तू तू मै मैं कर सम्मानजनक जनप्रतिनिधियों को अपमानित किया।
अस्पताल का कूलर-पंखा तक गायब है, और उसका कोई हिसाब स्टाफ नहीं दे पाया। जुलाई माह का पूरा भुगतान उठाने के बावजूद मरीजों को एक भी दवाई उपलब्ध नहीं कराई गई।

ग्रामीणों का आरोप –

सिर्फ़ कागजों पर दवाई वितरण दिखाकर असल में दवाइयां गायब की जा रही हैं। धीरे-धीरे पेटियों की दवाइयां निकालकर जलाई जाती हैं,जिससे कालाबाज़ारी और भ्रष्टाचार की बू साफ महसूस हो रही है।

जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की मौजूदगी –

सरपंच विश्वनाथ सिंह, उप सरपंच रामविलास जायसवाल, रामप्रवेश गुप्ता, भानु गुप्ता, बसंत गुप्ता, अरविंद जायसवाल, जयलाल, राजेश गुप्ता, महावीर सिंह, रमेश गुप्ता, पंकज गुप्ता, संजय गुप्ता, अनिल जायसवाल, उमेश गुप्ता, दशरथ, विनोद पाल, प्रदीप गुप्ता, सुनील जायसवाल सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही को कैमरे में कैद कर लिया।

अब उठे बड़े सवाल –

गरीबों को मिलने वाली निशुल्क दवाई आखिर जलाने की नौबत क्यों आई? डॉक्टर और स्टाफ को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा? क्या स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से यह पूरा घोटाला चल रहा है?

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शासन से पूरे स्टाफ को तत्काल बर्खास्त करने और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। अब देखना है कि शासन इस गरीबों की ज़िंदगी से खिलवाड़ करने वाले घोटाले पर क्या रुख अपनाता है।

“सिलौटा अस्पताल बना दवा का कब्रगाह – गरीबों की ज़िंदगी से खिलवाड़”या “फ्री दवा योजना पर लगा दाग – भ्रष्ट स्वास्थ्य स्टाफ बर्खास्त हो” ?

भाजपा सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्र के गरीब वर्गों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने में लगी हुई है वहीं भाजपा सरकार एवं स्वास्थ्य मंत्री के मंसूबों पर किस तरह से पानी फेर जा रहा है जिसका जीता जागता सबूत है सबसे बड़ी बात यह है कि इतना भारी मात्रा में स्टॉक दवाई का उप स्वास्थ्य केंद्र में होना आश्चर्य जनक है। जिसको स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के द्वारा भी निरीक्षण करने पर यह पाया गया कि इतना भारी मात्रा में दवा बिना स्टॉक पंजी बिना जानकारी के कैसे खराब हो गया तथा यह जानकारी भी बताई गई कि अभी एक कमरे का ताला तोड़ा गया है सिर्फ दो कमरा और है जिसमें भारी मात्रा में ग्रामीणों ने बताया की दवा रखी हुई है जिसको खोलने में अधिकारियों के हाथ पैर फूल रहे थे।

जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। और लोग स्वास्थ्य विभाग के प्रति अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही के कारण छत्तीसगढ़ सरकार का पैसा का किस तरह से दुरुपयोग कर गरीब आदिवासियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। और स्वास्थ्य विभाग में जिम्मेदार डॉक्टर और कर्मचारी मौज उड़ा रहे हैं। जहां ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। और उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए मामला को गंभीरता से जांच कार्यवाही करने की मांग कीये है।

इस विषय में जिला चिकित्सा अधिकारी सीएमएचओ कपिल पैकरा ने कहा कि दवाई जलाने की खबर प्रकाशित वा वीडियो के बाद में तत्काल जांच टीम गठित कर दी गई थी जहां आज जांच करने पर पाया गया कि भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाई का जखीरा प्राप्त हुआ है जो गरीबों को ग्रामीण क्षेत्र के सुविधा अनुसार लाभ मिलना था, मगर लाखों करोड़ों रुपए की दवाई को लापरवाही के वजह से दवाई नहीं बटने के कारण एक्सपायरी हो गई फिलहाल प्रतापपुर बीएमओ वा टीम को जांच हेतु भेजा गया था जिसे जांच प्रतिवेदन मंगाया गया है। अभी लगातार कई बिंदुओं पर जांच कार्यवाही चल रही है कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। और ग्रामीणों का बयान दर्ज कर पूरी जांच कराई जाएगी, निश्चित ही इतना भारी मात्रा में जीवनदायिनी दवा जिसमें कुछ दवाई बहुत कीमती है इतना मात्रा में कहां से आया कैसे आया दवा स्टॉकिस्ट प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी इसकी जानकारी ली जा रही है। तथा पूरे वीडियो का अध्ययन किया जा रहा है। जहां से सभी दवाइयां की सूची बना ली गई है करीब 50 से 60 पेटी दवाई है जल्द ही बड़ी कार्यवाही करेंगे।

Bharat Samman

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