बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सम्पन्न

87 मरीजों को मिली फकीरी एवं आयुर्वेदिक औषधि — अगला शिविर 9 नवम्बर को
जशपुरनगर। अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया (जिला-जशपुर) में रविवार 10 अगस्त 2025 को बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर के तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। शिविर में कुल 87 मरीजों को संस्था द्वारा निर्मित मिर्गी रोग की फकीरी दवा तथा आयुर्वेदिक औषधि प्रदान की गई। इन लाभार्थियों में 8 बच्चे भी शामिल थे।
शिविर का शुभारंभ प्रातः 4:30 बजे परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के चित्र पर विधिवत पूजन एवं आरती से किया गया। चूँकि मिर्गी की फकीरी दवा पान के पत्ते पर सूर्योदय से पूर्व देने का विधान है, अतः अधिकांश मरीजों को उनके सहयोगियों सहित एक दिन पूर्व ही आश्रम में आमंत्रित किया गया था।

पूजन उपरांत वैद्य रंजीत सिंह एवं उनके सहयोगी धर्मेन्द्र सिंह द्वारा मरीजों को फकीरी दवा दी गई और साथ ही आयुर्वेदिक औषधि भी वितरित की गई। इस अवसर पर वैद्य रंजीत सिंह ने दवा सेवन के दौरान बरते जाने वाले परहेज और सावधानियों की विस्तृत जानकारी भी दी।
शिविर में न केवल जशपुर जिले के विभिन्न इलाकों से, बल्कि दूर-दराज़ के जिलों एवं राज्यों से भी मरीज पहुँचे। इनमें रांची, लोहरदगा, घाघरा, गुमला, सिमडेगा, देवघर (झारखंड), बेतिया (बिहार), रायपुर, बिलासपुर, अम्बिकापुर, बलरामपुर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, कुसमी, पत्थलगांव, कांसाबेल, फरसाबहार (छत्तीसगढ़) और सीधी (मध्यप्रदेश) से आए रोगी शामिल थे।
अगला मिर्गी चिकित्सा शिविर पुनः तीन माह बाद 9 नवम्बर 2025 को अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया आश्रम में आयोजित होगा। ट्रस्ट ने मरीजों को निर्देशित किया है कि वे दवा प्राप्ति हेतु 8 नवम्बर 2025 की सायं तक आश्रम परिसर में पहुँच जाएँ।
शिविर को सफल बनाने में पी.के. श्रीवास्तव, संतोष कुमार मिश्र, धन्नजय सिंह, विद्या सागर उपाध्याय, शाश्वत पाण्डेय, सत्येन्द्र सिंह (मामा), अखिलेश यादव, वेद तिवारी और शिवम अक्षय सिंह का विशेष योगदान रहा।
उल्लेखनीय है कि बाबा भगवान राम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के मार्गदर्शन में विगत कई वर्षों से ऐसे निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर नियमित रूप से आयोजित हो रहे हैं, जिनसे अब तक असंख्य मरीज लाभान्वित हो चुके हैं।



