सरगुजा संभाग

आदतन अपराधी धर्मवीर उर्फ छोटन सिंह शस्त्र अनुज्ञप्ति घोटाले से लेकर धमकी तक

सरगुजा के कारोबारी को जान से मारने की धमकी।

पूर्व में हत्या के मामलों में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की माँग।

“शिकायत करने पर गोली मारने की धमकी! क्या शस्त्र लाइसेंस रद्द होना काफी है?”

“PMO से लेकर कलेक्टर तक कार्रवाई, फिर भी आरोपी खुलेआम धमका रहा!”


भारत सम्मान/अम्बिकापुर/सरगुजा। शस्त्र अनुज्ञप्ति में फर्जीवाड़ा कर हथियार हासिल करने वाले एक आदतन अपराधी के विरुद्ध अब जान से मारने की धमकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता संतोष कुमार चौदहा ने प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तक को पत्र भेजते हुए दोषी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की माँग की है।

अनावेदक धर्मवीर उर्फ छोटन सिंह पर संगीन आरोप

संतोष चौदहा का आरोप है कि धर्मवीर कुमार सिंह उर्फ छोटन सिंह, निवासी ग्राम पीपरसोत, थाना बलरामपुर (हाल मुकाम: वसुंधरा कॉलोनी, अम्बिकापुर), ने अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि को छिपाते हुए वर्ष 2009 में शस्त्र अनुज्ञप्ति (लाइसेंस क्रमांक 12/2009) हासिल किया। जबकि उसके विरुद्ध बलरामपुर, झारखंड और अन्य जिलों में हत्या, रंगदारी, अवैध खनन सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

संतोष चौदहा के अनुसार, धर्मवीर सिंह ने आवेदन में झूठा पता दिया, आपराधिक प्रकरणों को छुपाया और “प्रतिष्ठित नागरिक” होने का दावा करते हुए शस्त्र अनुज्ञप्ति प्राप्त कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर सरगुजा ने 15 मई 2024 को आदेश जारी कर शस्त्र अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।

शिकायत के बाद जान से मारने की धमकी

संतोष चौदहा ने बताया कि जब वे 17 जुलाई को जिला दण्डाधिकारी के समक्ष शस्त्र अनुज्ञप्ति व जिला बदर की कार्यवाही संबंधी सुनवाई में मौजूद थे, तब कोर्ट से बाहर निकलते ही धर्मवीर सिंह ने उन्हें भरी अदालत परिसर में गन्दी– गन्दी गाली-गलौज करते हुए धमकी दी की अगली बार कोर्ट में ही गोली मारूंगा तब लड़ लेना मुकदमा।

चौदहा के अनुसार, जब वे सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तब भी अनावेदक ने अपने तीन-चार बाहरी साथियों के साथ दोहराया “तुमको गोली मरवाना जरूरी है, अब सिर से पानी निकल गया है।”

घटना से भयभीत होकर चौदहा सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचे लेकिन एसपी अनुपस्थित थे। उन्होंने तुरंत यह जानकारी अपने पुत्र और परिजनों को दी।

धमकी देने वाला हत्या के केसों में आरोपी

धर्मवीर कुमार सिंह के विरुद्ध झारखंड राज्य के गढ़वा जिले के थाना विशुनपुर में वर्ष 2017 में हत्या और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं, बलरामपुर (छत्तीसगढ़) में भी उसके विरुद्ध वर्ष 2002 से लेकर 2022 तक आधा दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, उक्त आरोपी “आदतन अपराधी” की श्रेणी में आता है और उसके खिलाफ जिला बदर की कार्यवाही की अनुशंसा पहले ही की जा चुकी है।

पीएमओ से हुई है संज्ञान, पर अब तक एफआईआर नहीं

पीड़ित ने यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMOPG/E/2024/0087755) तक पहुँचाया, जिसके बाद कलेक्टर सरगुजा द्वारा कार्रवाई करते हुए शस्त्र अनुज्ञप्ति निरस्त की गई। लेकिन इतनी गंभीर परिस्थितियों के बावजूद आरोपी के विरुद्ध जान से मारने की धमकी के मामले में अब तक पुलिस द्वारा कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

पुलिस पर पक्षपात का आरोप,कार्रवाई की माँग तेज

संतोष चौदहा ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस आरोपी के राजनीतिक और आर्थिक रसूख के चलते अभी तक कार्रवाई से बचती रही है। उन्होंने मांग की है कि धर्मवीर उर्फ छोटन सिंह के विरुद्ध BNS की धारा अंतर्गत  (धमकी देना) (गाली-गलौज) (गवाही प्रभावित करने की धमकी) तथा Arms Act की धाराओं में तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया जाए, और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

Bharat Samman

Related Articles

Back to top button