अपराध

गौरव बढ़ा: करण शाह खुशरो प्रथम प्रयास में सिविल जज चयनित

राजनांदगांव/गंडई। विशेष रिपोर्ट

राजनांदगांव ज़िले की ऐतिहासिक नगरी गंडई से गर्व की खबर सामने आई है। गंडई के प्रतिष्ठित राजपरिवार से जुड़े करण शाह खुशरो का प्रथम प्रयास में सिविल न्यायाधीश (Civil Judge) के पद पर चयन हुआ है। यह उपलब्धि न केवल परिवार, बल्कि पूरे गंडई क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय मानी जा रही है।

करण शाह खुशरो, लाल तारकेश्वर शाह खुशरो के सुपुत्र हैं। परिवार के इतिहास में यह पहला अवसर बताया जा रहा है जब किसी सदस्य ने न्यायिक सेवा में प्रथम ही प्रयास में सफलता अर्जित की है। स्थानीय नागरिकों और शुभचिंतकों ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण करार दिया है।

शैक्षणिक यात्रा

करण की प्रारंभिक शिक्षा गंडई स्थित ज्ञानदीप विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा Delhi Public School Durg, भिलाई में प्राप्त की। शिक्षकों के अनुसार, करण शुरू से ही अनुशासित, एकाग्र और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र रहे हैं।

सफलता के पीछे परिवार का योगदान

परिजनों का कहना है कि करण की इस उपलब्धि में माता-पिता के सतत मार्गदर्शन, श्रेष्ठ संस्कार और अनुशासन की बड़ी भूमिका रही। विशेष रूप से उनकी माता नीता शाह के आशीर्वाद, प्रेरणा और स्नेह को परिवार ने सफलता का सशक्त आधार बताया।

क्षेत्र में खुशी की लहर

करण शाह खुशरो के चयन की खबर मिलते ही गंडई में खुशी का माहौल बन गया। सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और युवाओं ने बधाइयाँ देते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। नागरिकों का कहना है कि यह उपलब्धि दिखाती है कि दृढ़ निश्चय, कठोर परिश्रम और पारिवारिक सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

Bharat Samman

Bharat Samman

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा, अपराध, राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है। Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री (समाचार/फोटो/विडियो आदि) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता/खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र अम्बिकापुर होगा।

Related Articles

Back to top button