पहली ही बारिश में डूबा कुसमी,25 साल बाद भी जल निकासी व्यवस्था फेल

घर-दुकानों में घुसा पानी,करोड़ों की नालियां बेअसर; उफनते पुल पर तीन युवक घंटों फंसे।
नगर पंचायत की तैयारियों पर उठे सवाल।
भारत सम्मान/कुसमी/राहुल गुप्ता:- नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त किए करीब 25 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन कुसमी आज भी समुचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में हर बरसात में जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। शुक्रवार दोपहर बाद हुई पहली मूसलाधार बारिश ने नगर पंचायत की तैयारियों और वर्षों से किए गए विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी। नगर के कई वार्डों में बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और देर शाम तक जनजीवन अस्त-व्यस्त बना रहा।
मुख्य बाजार की दो कपड़ा दुकानें बनीं नदी, लाखों का नुकसान
नगर के मुख्य मार्ग स्थित वार्ड क्रमांक-09 में संचालित मोबिन कपड़ा दुकान और संजय टैक्सटाइल्स सबसे अधिक प्रभावित रहे। तेज बारिश के दौरान दोनों दुकानों में इतना पानी भर गया कि पूरा परिसर नदी जैसा दिखाई देने लगा। दुकानों में रखा कपड़ा, फर्नीचर, लकड़ी के काउंटर सहित अन्य सामान पानी में भीगकर खराब हो गया, जबकि कई वस्तुएं तेज बहाव में बह गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकानों के पीछे लगभग 150 मीटर दूर स्थित भेड़ी टोंगरी जंगल से तेज बहाव के साथ वर्षा जल नीचे उतरकर पीछे के रास्ते दुकानों में घुस गया। व्यापारियों ने भारी आर्थिक नुकसान होने की बात कही है।
वार्ड 08 और 11 में घरों में घुसा पानी।
वार्ड क्रमांक-08 में नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई मकानों में पानी भर गया। स्थानीय निवासी हुजैफा के घर सहित आसपास के कई परिवार जलभराव से प्रभावित हुए। लोगों का कहना है कि बरसात से पहले कई बार नगर पंचायत और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं वार्ड क्रमांक-11 में भी कई घरों में पानी घुस गया। पूरा क्षेत्र तालाब जैसा नजर आया और लोगों को कमर तक पानी में होकर आवाजाही करनी पड़ी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आसपास जाम नालियों के कारण पानी सड़कों पर भर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात से पहले निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाता या जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
करोड़ों खर्च, फिर भी नहीं मिली राहत।
नगरवासियों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद करोड़ों रुपये की लागत से कई नालियों का निर्माण कराया गया, लेकिन अधिकांश नालियां या तो जाम हैं या उनका निकासी तंत्र अधूरा है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों में दीर्घकालिक योजना का अभाव रहा, जिसका खामियाजा हर वर्ष नगरवासियों को भुगतना पड़ता है। लोगों का कहना है कि यदि बरसात पूर्व नालियों की सफाई और जल निकासी मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार किए जाते, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
उफनते पुल पर तीन युवक फंसे,टला बड़ा हादसा।
लगातार बारिश के कारण कुसमी-जशपुर मार्ग पर इंटक वेल के समीप गलफुल्ला नदी पर बना पुल पहली ही बारिश में जलमग्न हो गया। पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को घंटों पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा।
इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने तेज बहाव के बीच पुल पार करने का प्रयास किया। बीच पुल तक पहुंचते ही मोटरसाइकिल बंद हो गई और तीनों युवक पानी के तेज बहाव के बीच फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हुए सुरक्षित स्थान पर रुकने की सलाह दी। काफी देर बाद पानी का स्तर कम होने पर तीनों युवक सुरक्षित बाहर निकल सके।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग।
नगरवासियों का कहना है कि पहली ही बारिश में जिस प्रकार पूरे नगर में जलभराव की स्थिति बनी, उससे स्पष्ट है कि बरसात पूर्व तैयारियां पर्याप्त नहीं थीं। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
फोटो और वीडियो आए सामने।
प्रभावित वार्डों के कई निवासियों ने अपने घरों और दुकानों में घुसे पानी, क्षतिग्रस्त सामान तथा जलभराव के फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए हैं। इन तस्वीरों में नगर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर शीघ्र राहत एवं स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।



