निर्माणाधीन पुलिया में गुणवत्ता पर उठे सवाल,बिना वाइब्रेटर के कंक्रीट डालने का आरोप

नटवरनगर के निचातपुर गांव में पुलिया निर्माण कार्य पर ग्रामीणों की नाराजगी।
निर्माण के दौरान ही दिखने लगी गैपिंग; जांच और सुधार की मांग।
भारत सम्मान/कुसमी/राहुल गुप्ता:- ग्राम नटवरनगर के आश्रित ग्राम निचतपुर में निर्माणाधीन पुलिया के कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता संबंधी गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण में कंक्रीट डालने के दौरान आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया तथा कंक्रीट को मजबूत और सघन बनाने के लिए वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि वाइब्रेटर का उपयोग नहीं होने के कारण कंक्रीट के भीतर हवा के खाली स्थान रह गए हैं, जिससे पुलिया के कुछ हिस्सों में गैपिंग जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। निर्माण कार्य के दौरान ही ऐसी खामियां सामने आने से स्थानीय लोगों में पुलिया की गुणवत्ता और दीर्घकालिक मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई तो भविष्य में पुलिया की मजबूती प्रभावित हो सकती है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है।
क्या बोले इंजीनियर?
इस संबंध में जब संबंधित इंजीनियर अमरीश यादव से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं निर्माण स्थल का निरीक्षण करेंगे और यदि कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो ठेकेदार को तत्काल आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
इंजीनियर ने कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जाएगा और जहां भी कमियां होंगी, उन्हें शीघ्र सुधारने की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की मांग…
पुलिया निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए।
गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
निर्माण कार्य में सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
भविष्य में पुलिया की मजबूती और सुरक्षा से समझौता न किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए, ताकि सरकारी राशि का सदुपयोग हो और आम जनता को लंबे समय तक उसका लाभ मिल सके।



