सामरी के जीएनसी माइंस में अवकाश दिवस पर खनन गतिविधियों का मामला

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल।
बिना हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से कराया जा रहा कार्य,कंपनी अधिकारी ने कहा-“आज छुट्टी है, कल ही कुछ बता पाऊंगा”
भारत सम्मान/सामरी/राहुल गुप्ता:-बलरामपुर जिले के सामरी क्षेत्र स्थित Hindalco Industries Limited के जीएनसी माइंस में अवकाश दिवस के दौरान खनन गतिविधियां संचालित होने का मामला सामने आया है। मौके से प्राप्त तस्वीरों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार माइंस क्षेत्र में पत्थरों की खुदाई और ट्रकों में लोडिंग का कार्य जारी था, जबकि कार्यस्थल पर मौजूद मजदूर बिना बुनियादी सुरक्षा उपकरणों के काम करते दिखाई दिए।
तस्वीरों में देखा गया कि खनन स्थल पर कार्यरत मजदूरों के पास न तो हेलमेट थे और न ही सुरक्षा जूते। खनन कार्य को अत्यधिक जोखिमपूर्ण श्रेणी में रखा जाता है, जहां सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है। इसके बावजूद इस तरह खुले तौर पर नियमों की अनदेखी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।खनन क्षेत्र में भारी पत्थरों की ढुलाई और लोडिंग के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। श्रम सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो यह श्रम सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है।

खनन क्षेत्र में भारी पत्थरों की ढुलाई और लोडिंग के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। श्रम सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो यह श्रम सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है।
इस मामले में जब अमित तिवारी जो हिंडाल्को के संबंधित अधिकारी बताए जा रहे हैं, से संपर्क कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “आज छुट्टी का दिन है, इस विषय में मैं कल ही कुछ बता पाऊंगा।” अधिकारी के इस जवाब के बाद यह सवाल और गहराता है कि जब अवकाश दिवस है, तो माइंस में गतिविधियां किस अनुमति और किस निगरानी में संचालित हो रही थीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि छुट्टी के दिन भी खनन कार्य कराया जा रहा है, तो इसकी पारदर्शिता और वैधानिकता की जांच जरूरी है। साथ ही सुरक्षा नियमों की अनदेखी से मजदूरों की जान जोखिम में पड़ सकती है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग-खनिज विभाग, श्रम विभाग और जिला प्रशासन-इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करते हैं। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
मुख्य प्रश्न:
- अवकाश दिवस में खनन कार्य किस अनुमति से चल रहा था?
- मजदूरों को सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए?
- क्या प्रबंधन सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर है?
- प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा?



