अपराधछत्तीसगढ़पत्रकारितालाइफस्टाइललेख, आलेख, रचनाविधि व न्यायसरगुजा संभागसोशल मीडियाहेल्थ

बेलगाम अवैध शराब कारोबार, पुलिस की चुप्पी से बढ़ रहे अपराध — गली-गली में नशे का सामान, नाबालिग भी चपेट में

कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई ठोस कार्रवाई, इलाके में डर का माहौल

सोनहत/कोरिया | 11 जुलाई 2025 । शब्बीर मोमिन

सोनहत थाना क्षेत्र में इन दिनों कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अवैध शराब और नशे के कारोबार ने क्षेत्र को अपराध के अड्डे में बदल दिया है। खासकर शाम ढलते ही सोनहत के गली-मोहल्लों में बने अवैध शराब अड्डों पर भीड़ उमड़ पड़ती है। इन अड्डों पर न सिर्फ खुलकर शराब बेची जा रही है, बल्कि नाबालिग लड़के भी इसका शिकार बनते जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा है।

पुलिस पर उठे सवाल, अपराधियों में नहीं कोई डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि सोनहत में अब पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। चाहे शराब तस्करी हो, गांजा का धंधा या चोरी — अपराधियों को कोई डर नहीं है। पुलिस की मौजूदगी न के बराबर है। सुबह 7 बजे से ही महुआ शराब के अड्डों पर भीड़ लग जाती है, और यह सिलसिला देर रात तक चलता है। अड्डों के आसपास शोरगुल और झगड़े आम हो गए हैं, बावजूद इसके पुलिस कार्रवाई नहीं करती।

यह स्थिति तब है जब इन अड्डों के ठीक बगल में प्रशासनिक अधिकारियों की कॉलोनी है, और यहीं से होकर अधिकारियों का आना-जाना होता है। इसके बावजूद कोई ठोस पहल न होना पुलिस और प्रशासन की उदासीनता को उजागर करता है।

नाबालिगों पर मंडरा रहा नशे का खतरा

कोलपारा इलाके में महुआ शराब के अड्डों पर 15 से 20 साल के लड़कों का जमावड़ा अक्सर देखा जा रहा है। इनमें कई तो उन्हीं माफियाओं के परिवार से ताल्लुक रखते हैं जो इस कारोबार में संलिप्त हैं। हाल ही में कोलपारा में एक चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद हुई थी, जिसकी सूचना थाने को दी गई, मगर कार्रवाई में गंभीरता नहीं दिखाई गई।

गश्त नहीं, निगरानी नहीं — खुला मैदान माफियाओं के लिए

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोनहत में अब पुलिस पेट्रोलिंग सिर्फ कागजों में रह गई है। शराब माफियाओं के खिलाफ न तो कोई सख्त अभियान चलाया जा रहा है, न ही निगरानी रखी जा रही है। इससे उनके हौसले बुलंद हैं और क्षेत्र लगातार अपराध के दलदल में धँसता जा रहा है।

शांति समिति बैठक में दी गई थी जानकारी, फिर भी चुप है पुलिस

सूत्रों के अनुसार, एक शांति समिति बैठक में सोनहत थाना प्रभारी को गांजा, शराब और नशीली दवाओं के खुले कारोबार की जानकारी दी गई थी। बावजूद इसके न कोई छापेमारी हुई, न ही किसी अड्डे पर कार्रवाई। इस निष्क्रियता से आम नागरिकों में रोष है और लोगों को लगने लगा है कि पुलिस की मिलीभगत के बिना यह कारोबार संभव नहीं है।

युवा वर्ग बर्बादी की कगार पर, समय रहते कदम जरूरी

स्थानीय सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सोनहत को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो युवा वर्ग पूरी तरह नशे की चपेट में आ जाएगा और क्षेत्र का अपराध ग्राफ और भी ऊपर चला जाएगा।

अब देखना यह है कि पुलिस व प्रशासन कब तक इस भयावह सच्चाई से आँखें मूंदे बैठा रहता है, या फिर वास्तव में कार्रवाई कर सोनहत को नशे के दलदल से बाहर निकालता है।

Bharat Samman

Bharat Samman

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा, अपराध, राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है। Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री (समाचार/फोटो/विडियो आदि) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता/खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र अम्बिकापुर होगा।

Related Articles

Back to top button