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MCB जिले के शिक्षा विभाग में गंभीर अनियमितताओं पर पूर्व विधायक गुलाब कमरों का सवाल — “कब होगी भ्रष्ट DEO पर कार्रवाई?”

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 11 जुलाई 2025। शब्बीर मोमिन

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के शिक्षा विभाग में व्याप्त भारी अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने एक बार फिर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे-सीधे पूछा कि जब जिले की शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो चुकी है, तब ईमानदार माने जाने वाले कलेक्टर ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को बचाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?

पूर्व विधायक कमरों ने स्पष्ट कहा कि जिले में शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है और छात्रों का भविष्य खतरे में है, लेकिन जिम्मेदार अफसरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने इस दिशा में शासन से शीघ्र हस्तक्षेप और कठोर निर्णय की मांग की है।

पूर्व विधायक द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप व सवाल:

🔴 बोर्ड परीक्षा में शर्मनाक प्रदर्शन:

2024-25 की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में जिले का प्रदर्शन राज्य में 27वें स्थान पर रहा, जो शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

🔴 कोटाडोल स्कूल में विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़:

हायर सेकंडरी स्कूल कोटाडोल में 36 छात्रों का परीक्षा परिणाम रोक दिया गया, जिससे उनका आगे का दाखिला और करियर प्रभावित हो गया।

🔴 युक्तियुक्तकरण में मनमानी:

शिक्षकों की पदस्थापना में शासन के निर्देशों को दरकिनार कर अपने बनाए नियमों पर कार्यवाही की गई, जिससे विभागीय पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगा।

🔴 स्वामी आत्मानंद स्कूलों में गड़बड़ी:

इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में भी पारदर्शिता नहीं रखी गई। चयन प्रक्रिया में चहेतों को प्राथमिकता दी गई।

🔴 DEO की प्रशासनिक विफलता:

श्री कमरों का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पूरा काम बाबुओं के भरोसे चल रहा है। अफसर की कोई प्रशासनिक पकड़ नजर नहीं आती।

🔴 वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप:

वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभागीय स्तर पर की गई खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी व भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई हैं।

🔴 आदिवासी छात्रों के साथ भेदभाव:

डीएमएफ से स्वीकृत आदिवासी छात्रों की कोचिंग योजना समय पर लागू नहीं की गई और छह माह बाद राशि लौट गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकारी आदिवासी विरोधी मानसिकता रखते हैं और पिछड़े क्षेत्र के विकास में रोड़ा बने हुए हैं।

कलेक्टर और शासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने मांग की है कि उक्त भ्रष्ट अधिकारी को तत्काल हटाया जाए और जिले की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जिले के हजारों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है।

कमरों ने कहा, “शिक्षा बच्चों का संवैधानिक अधिकार है, और यदि अधिकारी ही उन्हें वंचित करें, तो यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि सामाजिक अन्याय भी है।”

Bharat Samman

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