सिक्का फंसा गले में, बिगड़ी बच्चे की हालत — जिला अस्पताल की टीम ने बचाई जान

कोरिया, बैकुंठपुर। रिपोर्ट: सब्बीर मोमिन
कहते हैं “डॉक्टर ईश्वर का रूप होते हैं”, और यह बात एक बार फिर कोरिया ज़िले के जिला अस्पताल में साबित हुई। वार्ड क्रमांक 13, बैकुंठपुर निवासी राजेश विश्वकर्मा के 7 वर्षीय पुत्र सार्थक ने खेलते वक्त गलती से एक सिक्का निगल लिया, जो गले में फंस गया। बच्चा तुरंत ही सांस लेने में तकलीफ़ और बेचैनी की हालत में चला गया।

✔️ तत्काल मिली प्रशासन को सूचना
बच्चे की नाजुक स्थिति देख कर नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश और विधायक प्रतिनिधि शाहिद असरफी ने फ़ौरन मामले की जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रशांत सिंह को दी। हालात की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ ने तत्काल सिविल सर्जन को निर्देश जारी किया।

🏥 जिला अस्पताल में दौड़ी चिकित्सा टीम
सीएमएचओ के निर्देश पर सिविल सर्जन एवं अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल के मार्गदर्शन में डॉ. योगेंद्र चौहान और उनकी चिकित्सकीय टीम ने बच्चे का तुरंत उपचार शुरू किया। कड़ी मशक्कत और बारीकी से की गई प्रक्रिया के बाद बच्चे के गले से सिक्के को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया। अब बच्चा पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर स्थिति में है।

📢 सीएमएचओ की अपील: छोटे बच्चों को छोटी वस्तुओं से रखें दूर
इस घटना के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने अभिभावकों से अपील की है कि:
छोटे बच्चों को सिक्का, पिन, सुई, कांच या छोटी गिट्टियाँ खेलने के लिए न दें।
ऐसी वस्तुएं बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
बच्चों की निगरानी आवश्यक है, क्योंकि ऐसी चीजें जानलेवा साबित हो सकती हैं।
किसी आकस्मिक स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें, विलंब न करें।

जिलेभर में डॉक्टरों की टीम की हो रही सराहना
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल डॉ. योगेंद्र चौहान और उनकी टीम, तथा डॉ. आयुष जायसवाल की त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा सराहना की जा रही है।



