पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अफीम खेती के अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, बिहार और झारखंड से दो मुख्य सरगना गिरफ्तार

बलरामपुर । राहुल गुप्ता । विशेष रिपोर्ट
अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बलरामपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने “एंड टू एंड” विवेचना (पूरी कड़ियों को जोड़ने वाली जांच) के माध्यम से अफीम की खेती के मामले में संलिप्त दो मुख्य सरगनाओं को बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही 09 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
प्रमुख गिरफ्तारियां और आरोपी
पुलिस द्वारा की गई हालिया कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
1. पैरू सिंह भोक्ता (उम्र 35 वर्ष): निवासी सोमिया, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार)। यह थाना कुसमी के अपराध क्रमांक 26/2026 (धारा 8, 18 एन.डी.पी.एस. एक्ट) का मुख्य आरोपी है।
2. भूपेन्द्र उरांव (उम्र 38 वर्ष): निवासी ग्राम चाया, जिला चतरा (झारखंड)। यह थाना कोरंधा के अपराध क्रमांक 04/2026 (धारा 8, 18 एन.डी.पी.एस. एक्ट) का मुख्य सरगना है।
करोड़ों की अफीम हुई थी नष्ट
पुलिस के अनुसार, पूर्व में सूचना मिली थी कि थाना कुसमी और कोरंधा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध फसल को जब्त किया था:
• ग्राम त्रिपुरी (कुसमी): यहाँ से कुल 4344.569 किलोग्राम अफीम जब्त की गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4.75 करोड़ रुपये आंकी गई है।
• ग्राम तुरीपानी खजूरी (कोरंधा): यहाँ से 1883.76 किलोग्राम अफीम बरामद हुई थी, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये है।
कुल मिलाकर पुलिस ने करीब 6.75 करोड़ रुपये की अवैध अफीम के मामले में कार्रवाई की है।

कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस महानिरीक्षक (IG) सरगुजा और पुलिस अधीक्षक (SP) बलरामपुर के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं की, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों और गहन विवेचना के आधार पर इस व्यापार के “मास्टरमाइंड” तक पहुँचने की योजना बनाई।
टीमों ने झारखंड और बिहार के कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। तकनीकी मशीनरी और सुरागों का पीछा करते हुए, पुलिस ने घेराबंदी कर पेरू सिंह को बिहार से और भूपेन्द्र उरांव को झारखंड से दबोच लिया। दोनों आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाया गया है और पर्याप्त सबूतों के आधार पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस का संकल्प: बलरामपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण में “एंड टू एंड” विवेचना अभी भी जारी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े हर छोटे-बड़े व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।




