कटघोरा हाई स्कूल मैदान में DMF फंड पर सवाल, खिलाड़ियों ने शिकायत में खोली पोल

कटघोरा | सुष्मिता मिश्रा
कटघोरा स्थित हाई स्कूल मैदान के विकास के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से कराए जा रहे निर्माण कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिन कार्यों को मैदान के कायाकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया था, उनकी जमीनी हकीकत बदहाल नजर आ रही है। स्थानीय खिलाड़ियों ने लिखित शिकायत देकर निर्माण कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया है।
खिलाड़ियों के अनुसार, मैदान में बाउंड्रीवाल, क्रिकेट पिच, घास और लाइटिंग जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास का दावा किया गया था, लेकिन अधिकांश कार्य अधूरे या निम्न स्तर के हैं। नगर पालिका परिषद कटघोरा को निर्माण एजेंसी बनाकर कार्य शुरू किया गया था, परंतु तय समय सीमा बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका।
शिकायत में बताया गया है कि जनवरी 2025 में शुरू हुए कार्य अब तक अधूरे हैं। कई जगह निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे मैदान की स्थिति पहले से भी खराब हो गई है। बाउंड्रीवाल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं, जहां निर्माण मानकों का पालन नहीं किए जाने का आरोप है।

लाइटिंग व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। मैदान में लगाए गए तीन पोल में से एक की लाइट बंद हो चुकी है, जिससे पूरे सिस्टम की गुणवत्ता पर संदेह पैदा हो गया है। वहीं, सौंदर्यीकरण के तहत लगाई गई घास पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सूख गई है। सिंचाई के लिए कराई गई बोरिंग भी खराब गुणवत्ता की बताई जा रही है, जो शुरू से ही सही ढंग से काम नहीं कर रही।
सबसे बड़ी बात यह है कि योजना में शामिल क्रिकेट पिच का निर्माण अब तक शुरू ही नहीं किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में भारी परेशानी हो रही है। मैदान की मौजूदा हालत के कारण नियमित खेल गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
खिलाड़ियों ने यह भी आरोप लगाया है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से अधूरे कार्यों को कागजों में पूरा दिखाकर भुगतान निकालने की कोशिश की जा रही है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से खिलाड़ियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
खिलाड़ियों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, अधूरे और घटिया निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि मैदान को जल्द ही खेल योग्य बनाया जा सके।




