फर्जी जियो-टैगिंग और मास्टर रोल घोटाला: 10 लाख से ज्यादा का गबन, सचिव-रोजगार सहायक गिरफ्तार

PM आवास और मनरेगा में बड़ी अनियमितता उजागर, अधूरे मकानों को पूर्ण दिखाकर निकाली रकम, जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे
बलरामपुर/कुसमी । राहुल गुप्ता
जनपद पंचायत शंकरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विस्तृत जांच के बाद पंचायत सचिव जॉन कुमार टोप्पो और ग्राम रोजगार सहायक संजय दास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जनपद पंचायत के सीईओ वेदप्रकाश पांडे ने बताया कि आरोपियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों के अधूरे मकानों को फर्जी तरीके से पूर्ण दर्शाते हुए उनका जियो-टैग किया। इसके बाद राशि हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर करवाई गई और अंगूठा लगवाकर धनराशि का गबन कर लिया गया।
इसके अलावा मनरेगा योजना में भी फर्जी मास्टर रोल तैयार कर मजदूरी की रकम गलत खातों में ट्रांसफर की गई। जांच में सामने आया कि पंचायत में 26 आवास पूर्ण और 47 निर्माणाधीन हैं, लेकिन कई अधूरे मकानों को पूर्ण दिखाकर भुगतान कर दिया गया।

कुल मिलाकर 7 हितग्राहियों के नाम पर 9,05,000 रुपए और मनरेगा से 1,00,881 रुपए, यानी कुल 10,05,881 रुपए का गबन किया गया है।
जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। इनमें एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग प्रस्तावों में दो आवास स्वीकृत करना, अपूर्ण आवासों के बावजूद भुगतान करना और फर्जी तरीके से लाभ दिलाना शामिल है। कुछ मामलों में हितग्राहियों के खातों से ओटीपी या अंगूठे के माध्यम से रकम निकालने की शिकायत भी सामने आई है।
इस पूरे मामले पर कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।




