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गिरफ्तारी के बाद दिवंगत भैराराम आत्महत्या कांड का गुनहगार मग्गू सेठ का सिर मुंडवाकर जुलूस निकालने की उठी मांग

सरगुजा । बलरामपुर । विशेष रिपोर्ट

सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति ने भेराराम आत्महत्या कांड के मुख्य आरोपी विनोद अग्रवाल उर्फ़ मग्गू सेठ की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। समिति ने स्पष्ट कहा है कि गिरफ्तारी के बाद मात्र अदालत में पेशी पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि आरोपी का सिर मुंडवाकर सार्वजनिक जुलूस निकाला जाना चाहिए ताकि समाज में एक सख्त संदेश जाए।

समिति का कहना है कि दशकों से आदिवासी जमीनों पर कब्ज़ा करने, जनजातीय परिवारों को डराने-धमकाने और प्रशासन-पुलिस की मिलीभगत से अन्याय करने वाले आरोपी मग्गू सेठ को यदि केवल जेल भेज दिया गया तो यह न्याय अधूरा होगा।

संघर्ष समिति ने बयान जारी कर कहा –

“समाज को यह संदेश मिलना चाहिए कि आदिवासी जनजातियों के साथ अन्याय करने वालों को किसी भी अपराध की छूट नहीं दी जाएगी। सिर मुंडवाकर जुलूस निकालने से उन ताकतवर माफियाओं को भी सबक मिलेगा जो सत्ता और पुलिस का इस्तेमाल कर आम लोगों को दबाने का प्रयास करते हैं।”

विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएँ और आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाज़ी की –

“भैराराम को न्याय दो – मग्गू सेठ को गिरफ्तार कर जुलूस निकालो!”

ज्ञात हो कि भेराराम आत्महत्या कांड में लगातार न्याय की मांग उठ रही है। परिजनों और आदिवासी समाज का आरोप है कि जमीन विवाद और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से भेराराम को प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली।

समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मग्गू सेठ की गिरफ्तारी कर उसके खिलाफ सार्वजनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र होगा और सरगुजा संभाग में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

फ़ाइल फोटो

क्या था मामला?

जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर क्षेत्र में विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ को हमेशा सुर्खियों में रहने की आदत हो गई थी। आए दिन झगड़ा-मारपीट, गरीबों/विवादित जमीन (खासकर राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पहाड़ी कोरवा/पण्डों की जमीन) हड़पने का आरोप लगातार लग रहे थे पर उनमें से अधिकांश राजस्व दफ्तर/थाना/चौकी के चौखट तक पहुँचने से पहले दम तोड़ देते थे, कुछ गलती से पहुँच भी जाते तो किसी कार्यालय के कोने में धूल फाँकते मिल जाते, इसी बीच क्रशर हत्याकाण्ड/कोरवा आत्महत्या जैसे संगीन अपराध ने सेठ के खिलाफ जनाक्रोश पैदा कर दिया।

हाल ही में उनके खिलाफ पहाड़ी कोरवा समुदाय की सामुदायिक भूमि को धोखाधड़ी से हड़पने का गंभीर आरोप लगा है, यह मामला धमकी तक सीमित नहीं रहा बल्कि बुजुर्ग भैराराम पहाड़ी कोरवा (राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र) ने दिनांक 22/04/2025 के दोपहर आत्महत्या कर ली, मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, समुदाय विशेष के लोगों ने इस बार विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।

यह पहली बार नहीं है जब मग्गू सेठ का नाम आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा गया हो। हालाँकि सेठ के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए उक्त कार्रवाई में सेठ व उसके भाई प्रवीण अग्रवाल लगातार फरार चल रहे थे, उनको लोवर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया गया लेकिन हर बार असफल साबित हुए अंततः सेठ ने न्यायालय में सरेंडर करने की ठानी जिसका विरोध सर्व आदिवासी समाज द्वारा सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले किया जा रहा है।

लोगों में चर्चाएं आम हैं कि…

एक तरफ यह चर्चा आम है कि पुलिस अधीक्षक ने पुरजोर मेहनत कि ईनामी आरोपियों को गिरफ्तार करने की पर वह भी पुलिस विभाग में व्याप्त चर्चित सिस्टम के आगे झुक गए।

दूसरी ओर यह कहते मिले कि पुलिस सही में सेठ को गिरफ़्तार करने का प्रयास की थी या जन आक्रोश को शांत करने की सिर्फ़ एक राजनीतिक साज़िश थी, यदि सेठ पुलिस को चकमा देकर न्यायालय तक पहुँच गया तो वर्दी पर रुपए नुमा दाग हमेशा के लिए लग जाएगा और बलरामपुर पुलिस/सरगुजा पुलिस की नाकामयाबी दिखेगी और अपराधियों के हौसला बुलंद होगा।

Bharat Samman

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